सुरियावां नगर के उत्तरी छोर पर अति प्राचीन बावन बीघा तालाब है। यहां पर पुराना हनुमान मंदिर स्थित है। दो दशक पहले चंदौली के चकिया क्षेत्र के निवासी सीताराम यहां नौकरी करने के लिए आए थे। स्थानीय लोगों ने करीब 10 साल पहले उन्हें मंदिर की जिम्मेदारी दी थी।
सोमवार सुबह जब लोग मंदिर में पूजा करने पहुंचे तो सीताराम का शव मंदिर के बगल में स्थित कमरे में खून से लथपथ मिला। गले में कई स्थानों पर कटने के निशान मिले। आशंका जताई गई कि गला रेतकर हत्या की गई। मंदिर का घंटा और दानपात्र भी गायब मिले।
डीआईजी आरपी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी कात्यायन, एएसपी डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ भदोही अजय सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
जांच में पाया गया कि पुजारी ने मंदिर पर जुट रहे असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, मगर प्रभारी निरीक्षक, बीट प्रभारी और दो बीट आरक्षी ने गंभीरता से नहीं लिया। पूर्व में मंदिर से घंटा चोरी होने पर भी लापरवाही बरती गई।