ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नारायण) की जिला इकाई ने शिक्षकों की विभिन्न मांगो को लेकर सोमवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना दिया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। पूर्व शिक्षक एमएलसी चेत नारायण सिंह ने शिक्षकों के हक के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का एलान किया।
मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह ने कहा कि नौ मार्च 2019 को प्रदेश सरकार जिन बिंदुओं पर सहमत हुई थी उन वादों को सरकार पूरा करे। इससे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सरकार लंबित मांगों को पूर्ण करे अन्यथा शिक्षक चुप नहीं बैठेंगे। प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण को लेकर 2016 को जारी आदेश को समाप्त किया जाए, वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय 15 हजार, लंबित अवशेष का भुगतान करने, माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को चिकित्सकीय लाभ, बोर्ड परीक्षा एवं मूल्यांकन के पारिश्रमिक दरों में वृद्धि, 2019 से लंबित मान्यताओं का शासनादेश निर्गत कराने की मांग की गई। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उनकी प्रथम नियुक्ति के हिसाब से लाभ दिया जाए, व्यवसायिक एवं कंप्यूटर अनुदेशकों को शिक्षक पदों पर समायोजित करने और सामान्य शिक्षा की भांति अल्पसंख्यक विद्यालयों में स्थानांतरण की सुविधा दी जाए। जिलाध्यक्ष शारदा प्रसाद सिंह, मंडल महामंत्री प्रेम बहादुर सिंह, जिला मंत्री ऋषि सहायक पाठक ने शिक्षकों की समस्याओं पर प्रकाश डाला। इस मौके पर हरिमोहन यादव, घनश्याम उपाध्याय, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, गोस्वामी आदि रहे।