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सब्सिडी का चक्कर, किसान परेशान

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खेती कार्य में राहत देने के लिए सरकार की अनुदानित योजनाएं किसानों के लिए मुसीबत बन गई हैं। आठ से नौ माह पूर्व कृषि यंत्र और साल भर पूर्व गेहूं खरीद में करीब 50 लाख की सब्सिडी किसानों को नहीं मिल सकी है। इसके लिए किसान कृषि भवन से दुकानदार तक चक्कर लगाकर परेशान हो रहे हैं।
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किसानों की आय दोगुना करने के लिए केंद्र और प्रदेेश सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। खेतीबारी में उपयोग होने वाले कृषि यंत्रों, गेहूं, धान सहित अन्य बीजों में भी 50 से लेकर 80 फीसदी तक सब्सिडी यानि अनुदान दिया जाता है। जिसके लिए किसान आवेदन करते हैं, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते बड़ी संख्या में किसानों को समय से अनुदान नहीं मिल पाता है। जरूरी उपकरण खरीदने के बाद वह दफ्तर से लेकर व्यापारी तक के यहां चक्कर लगाते हैं। वर्ष 2020-21 सत्र में कृषि यंत्र खरीदने वाले 88 किसानों को 30 लाख सब्सिडी अब तक नहीं मिल सकी है। जिसके लिए वे परेशान हैं। इसी तरह गेहूं बीज पर मिलने वाली सब्सिडी भी 150 किसानों को नहीं मिल सकी है। दोनों योजनाओं में करीब 50 लाख सब्सिडी न मिलने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह का कहना है कि कृषि यंत्र लेने वाले किसानों को बजट न होने से अनुदान नहीं मिल सका है। पिछले सत्र में अनुदानित गेहूं की बोआई करने वाले किसानों की सब्सिडी भेजी जा चुकी है। कागजी खामियों के कारण कुछ किसानों की सब्सिडी नहीं गई होगी। किसान जरूरी कागजात लेकर आएं तो उनका अनुदान भेज दिया जाएगा।
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