जिले में जमीन की रजिस्ट्री में स्टांप चोरी का सिलसिला रुक नहीं रहा है। 12 महीने में 205 बैनामों में 2.7 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी सामने आई है।
एआईजी स्टांप ने खरीदारों को नोटिस भेजकर जुर्माना भरने का निर्देश दिया है। एक सप्ताह में जुर्माना न देने पर खरीदारों के खिलाफ कोर्ट में वाद दाखिल किया जाएगा।
ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील में उप निबंधन कार्यालय में संपत्तियों (जमीन, मकान आदि) की रजिस्ट्री होती है। इसमें शासन की ओर से स्टांप तय है।
संपत्ति बेचने और खरीदने वाले विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर जमीन की संरचना को गलत दिखाकर स्टांप शुल्क बचा लेते हैं। इससे राजस्व का नुकसान होता है। चकरोड, पक्की अथवा कच्ची सड़क, आबादी के पास की संपत्ति की रजिस्ट्री पर सर्किल रेट के अलावा अतिरिक्त स्टांप लगता है।
इसके अलावा संबंधित भूमि में मकान, अर्धनिर्मित भवन अथवा बाग और पेड़ मौजूद हो तो भी स्टांप शुल्क अधिक लगता है। अधिकारी भूमि रजिस्ट्री के दौरान इन तथ्यों को छिपाकर कम स्टांप शुल्क में बैनामा कर देते हैं। इसे स्टांप चोरी माना जाता है। जिले में तथ्यों को छिपाकर रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या अधिक है। एआईजी स्टांप के मुताबिक अप्रैल 2024 से लेकर मार्च 2025 तक 977 रजिस्ट्री की जांच की गई। इसमें 772 रजिस्ट्री सही मिली। 205 रजिस्ट्री में दो करोड़ सात लाख की स्टांप चोरी पकड़ी गई।