प्रमोशन को लेकर बीएसए कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते शिक्षक।
बेसिक शिक्षा विभाग में 110 शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर बुधवार को शिक्षक दो हिस्सों में बंट गए। पदोन्नति सूची से बाहर रहने वाले शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। मामले ने तूल पकड़ा तो डीएम के निर्देश पर एसडीएम ज्ञानपुर विपिन कुमार बीएसए कार्यालय पहुंचे। करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद प्रमोशन प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। बीएसए ने पदोन्नति को लेकर बेसिक शिक्षा सचिव से सुझाव मांगा है।
प्राथमिक विद्यालयों में 20 अगस्त 2010 में नियुक्ति पाने वाले 110 शिक्षकों को प्रमोशन की काउंसलिंग के लिए बुधवार को बुलाया गया था। उसी तिथि को नियुक्ति पाने वाले करीब 70 शिक्षकों को सूची में शामिल नहीं किया गया था। इसको लेकर शिक्षक पिछले कई दिनों से विरोध दर्ज करा रहे थे। काउंसलिंग तिथि में बदलाव न होने पर बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर दोनों पक्षों के शिक्षक पहुंचे। सूची में न रहने वाले शिक्षक बीएसए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे। इस बीच शिक्षकों के आंदोलन के मद्देनजर बीएसए कार्यालय परिसर में पीएसी की तैनाती कर दी गई थी। इस दौरान शिक्षक शांतिपूर्वक ढंग से नारेबाजी कर रहे थे। स्थिति बिगड़ते देख बीएसए ने डीएम को मामले से अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ज्ञानपुर विपिन कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों ने मंत्रणा कर पदोन्नति प्रक्रिया को स्थगित कर दिया। प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों में पीयूष श्रीवास्तव, विनय कुमार, ओम प्रकाश, देवेंद्र मिश्रा, सूबेदार यादव, विनय यादव, योगेश पांडेय, मनीष दूबे सहित कई लोग मौजूद रहे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों की पदोन्नति फिलहाल स्थगित कर दी गई है। बेसिक शिक्षा सचिव से प्रमोशन के लिए सुझाव मांगा गया है। वहां से दिशा-निर्देश मिलने पर दुबारा प्रमोशन के काउंसलिंग की तिथि तय की जाएगी।