ज्ञानपुर। मानव तस्करी के मामले में हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग को बुधवार को जमानत मिल गई। करीब 10 महीने पांच दिन बाद वह जेल से बाहर निकलेंगे।
19 सितंबर को जिला न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद उन्हें जिला कारागार से सेंट्रल जेल नैनी भेजा गया था। उन पर दर्ज तीन मुकदमों में एक-एक करके राहत मिलती गई। भदोही नगर के पंचभैय्या वार्ड स्थित सपा विधायक जाहिद बेग के आवास पर आठ सितंबर की रात को नौकरी ने आत्महत्या कर लिया था। नौ सितंबर को पुलिस ने दरवाजा तोड़कर युवती का शव बाहर निकाला। भदोही स्थित उनके आवास से एक नाबालिग नौकरानी को मुक्त कराया गया था।
पुलिस ने भदोही विधायक जाहिद बेग, उनकी पत्नी सीमा बेग और बेटे जईम बेग पर बच्चों की तस्करी और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई मामले दर्ज किए थे।
घटना के बाद ही विधायक और उनका कुनबा फरार हो गया। 19 सितंबर को विधायक ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।
इस दौरान सपा नेताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। इससे विधायक पर तीन मुकदमें दर्ज हो गए। पहले विधायक को ज्ञानपुर जिला कारागार में रखा गया, लेकिन 24 घंटे बाद ही उन्हें नैनी जेल भेज दिया गया था।
पुलिस से मारपीट के मुकदमें में जिला न्यायालय से राहत मिल गई जबकि आत्महत्या के लिए उकसाने में एक माह पूर्व हाईकोर्ट से राहत मिली थी। अब बुधवार को हाईकोर्ट से ही मानव तस्करी के मुकदमें में भी राहत मिल गई।
इससे उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। विधायक के भतीजे मंटू बेग ने बताया कि विधायक करीब 10 माह पांच दिन जेल में रहे। बेटे जईम बेग को छह जून को ही राहत मिल गई थी। कुर्की के मुकदमें में राहत नहीं मिलने से अभी पत्नी सीमा बेग फरार चल रही हैं।
उनकी पत्नी को भी हाल ही में एक अन्य मुकदमें में अग्रिम जमानत मिली है।