ज्ञानपुर जिले के नौ थानों में शनिवार को समाधान दिवस में आए 88 प्रार्थनापत्रों में मात्र 10 का समाधान हो सका। 78 मामले लंबित रह गए। इनके निस्तारण के लिए कागजी टीम गठित की गई। लंबित मामलों के निस्तारण के लिए एक बार फिर फरियादियों को आश्वासन दिया गया। अधिकतर मामले राजस्व से जुड़े रहे। भदोही कोतवाली में डीएम विशाल सिंह स्वयं जन शिकायत सुनने के लिए पहुंचे। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाली जनता की शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करें। इसमें किसी भी स्तर पर हीलाहवाली ठीक नहीं है।
राजस्व से जुड़ा मामला हो तो हल्का लेखपाल और कानूनगो को लेकर ही मौके पर जाएं। जिससे उसका समयबद्ध तरीके से निस्तारण हो सके। पुलिस अधीक्षक डॉ. मीनाक्षी कात्यायन ने कोइरौना थाने में लोगों की समस्याएं सुनी। पुलिस विभाग के आंकड़ो पर गौर करें तो सभी थानों में कुल 88 प्रार्थना आए। इसमें 83 राजस्व और पांच पुलिस के शामिल रहे। पुलिस के पांच एवं राजस्व के पांच समेत कुल 10 मामलों का निस्तारण किया गया। ऊंज संवाददाता के अनुसार, नायब तहसीलदार ज्ञानपुर की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। यहां पर आए छह मामलों में सभी लंबित रह गए। इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक रमाकांत यादव, दिनेश त्रिपाठी, अनिल कुमार तिवारी, दिनेश कुमार आदि रहे।
साहब छह माह से चक्कर लगा रहा हूं...
केस एक- शिवरामपुर निवासी मदनलाल ने ने कहा कि छह महीने में करीब आठ बार प्रार्थना पत्र दे चुका हूं। तहसील और थानों में कई बार आया, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। उसकी भुमिधरी में कुछ लोग जबरदस्ती कब्जा किए हैं। न्याय नहीं मिल पा रहा है।
केस-दो- लोकमनपुर की निवासी सुरजमनी देवी ने कहा कि उसकी भूमिधरी पर पड़ोसियों ने कब्जा कर लिया है। हटाने के लिए कई बार प्रार्थना पत्र दिया, पर अब तक निस्तारण नहीं हो सका। वहां से मिट्टी हटाने की बात करती हूं तो मारपीट पर आमादा हो जाते हैं। गोपीगंज के कसिदहां निवासी शिव कुमार मौर्य ने कहा कि जमीन से जुड़ा मामला है। भूमिधरी से कब्जा हटाने के लिए कई बार प्रार्थना पत्र दिया। उच्चाधिकारियों ने टीम गठित किया, लेकिन लेखपाल और पुलिस अब तक मौके पर नहीं पहुंची। लेखपाल पर आरोप लगाया कि जांच के नाम पर सिर्फ विपक्षी के यहां जाते हैं। तिलंगा निवासी ताड़क नाथ गिरी का आरोप है कि गांव के एक व्यक्ति ने सार्वजनिक खड़ंजा पर अतिक्रमण कर लिया है। इससे आवागमन में दिक्कत होती है। शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। जखांव के मदन सिंह का आरोप है तहसील दिवस,थाना दिवस पर कई बार शिकायत के बाद भी जमीन की पक्की पैमाइश नहीं की गई।