चारों तरफ अफरा-तफरी की स्थिति बनी थी, लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक युद्ध का सायरन बजता है और लोग जहां थे, वहीं पर जमीन पर लेट गए। इधर राहत व बचाव की टीम बचाव उपकरणों को लेकर लोगों के बीच पहुंचती है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर सीपीआर आदि ट्रीटमेंट से उनका उपचार शुरू करते हैं।
घबराएं नहीं....यह कोई युद्ध या हमले की घटना नहीं, बल्कि आपात स्थिति से पहले निपटने के लिए किया जाने वाला मॉक ड्रिल यानि युद्ध के पहले का पूर्वाभ्यास था। मंगलवार को लाइन समेत जिले के 12 स्थानों पर मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे हालात और युद्ध जैसी परिस्थतियों से निटपने के लिए पूरे देश में मॉक ड्रिल का आदेश दिया गया था। इसी कड़ी में जिले में भी बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित किया गया।
जिले के स्कूलों में जहां मॉक ड्रिल का अभ्यास कर छात्रों को युद्ध और आपात स्थिति से बचने का तरीके बताए गए। वहीं पुलिस लाइन के मॉक ड्रिल में आपात स्थिति के दौरान किस तरह से निपटें और कैसे अपना और दूसरों का बचाव करें।
इसके बारे में जानकारी दी गई। मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस, एनसीसी, एनएसएस, भारत स्काउट, नेहरू युवक मंगल दल, आपदा मित्र, रेड क्रॉस सोसायटी के वालंटियर्स ने भाग लिया। पुलिस, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन की टीम ने जहां अपने-अपने उपकरणों का प्रदर्शन कर लोगों को उसके संचालन के बारे बताया।
वहीं स्वास्थ्स विभाग की टीम ने घायलों और अचेत हुए लोगों के प्राथमिक उपचार की जानकारी दी। जिलाधिकारी शैलेश कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मॉक ड्रिल की समीक्षा की। वहीं तैयारियों को पुख्ता रखने का निर्देश दिया।
मॉक ड्रिल की सबसे खास बात रही कि आपात स्थितियों में दवाओं का किस तरह से प्रयोग करें और किस व्यक्ति को कौन सी दवा दी जानी चाहिए और उसकी उपलब्धता को लेकर पूरी जानकारी स्वास्थ्स विभाग की ओर से दी गई।
क्या बोले डीएम व एसपी
शासन से मिले निर्देशों के आधार पर मॉक ड्रिल किया गया है। एक तरह ये रूटीन अभ्यास है। इसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया जा रहा है कि आपात स्थितियों में वे किस तरह से अपने आपको सुरक्षित रख सकें। वहीं बचाव उपकरणों को भी चलाकर देखा गया। - शैलेश कुमार, डीएम।
इस समय देश में जिस तरह का माहौल है। उसे देखते हुए मिले निर्देशों के अनुसार पुलिस टीम ने अपनी तैयारियों को पुख्ता किया है। वहीं पुलिसकर्मियों को भी जरूरी जानकारी देने के साथ यह भी बताया गया है कि आपात परिस्थितियों में उनकी क्या भूमिका होगी। इस तरह चीजें समय-समय होती रहनी चाहिए। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी।
गूंजे मंत्रोचार...पाकिस्तानियों को सद्बुद्धि और सेना के शौर्य को सलाम
पहलगाम हमले के बाद भारत के सैनिकों द्वारा पाकिस्तान पर हुए हमले के बाद देशभर में जश्न का माहौल है। जिले के मंदिरों में पूजा-पाठ की गई। इस दौरान लोगों ने तिरंगे के साथ हवन व मंत्र जाप कर पाकिस्तानियों को सद्बुद्धि देने की मांग की। वहीं सेना के शौर्य को सलाम करते हुए पूजन इत्यादि किया।
बाबा हररिनाथ मंदिर पर जुटे लोगों ने महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर भारतीय सेना के शौर्य की सराहना की। इस दौरान मंदिर के प्रमुख पुजारी आशीष मिश्रा, ब्रम्हा मोदनवाल, राकेश देववंशी, महेन्द्र, शिवम, अतुल तिवारी समेत अन्य लोगों ने तिरंगा लहराकर जश्न मनाया।
मुस्लिम समुदाय ने पाकिस्तान पर सेना की कार्रवाई को सराहा
पाकिस्तान पर भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद मुस्लिम समुदाय में भी जश्न का माहौल है। पहलगाम में निर्दाेष पर्यटकों की हत्या के बाद से ही लोगों में गुस्सा भरा था। मंगलवार की रात जैसे ही सेना द्वारा पाकिस्तान पर हवाई हमले की जानकारी हुई। वैसे ही जगह-जगह लोगों ने तिरंगे के साथ पटाखें फोड़े।
इस दौरान भारत माता की जय, हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारों से पूरा जनपद गूंज उठा। भदोही नगर के मर्यादपट्टी स्थित मदरसा शम्सिया तेगिया के शिक्षक व बच्चे तिरंगे के साथ एकमा तिराहे पर पहुंचे और पटाखे फोड़े और सेना की कार्रवाई को सराहते हुए कहा कि जिस तरह से भारतीय सेना ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। उसे भारतीय सेना पर हर भारतीय को गर्व हो रहा है।