क्षेत्र के कंदुई लठियां स्थित भक्तिधाम आश्रम में बुधवार को दो दिवसीय मानस महोत्सव का आरंभ हुआ। स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज के सानिध्य में अखंड मानस पाठ की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। इसके बाद पार्थिव शिवलिंग का षोडशोपचार पूजन कर स्वामी चिदानंद और संतोषी देवी ने संकल्प लिया।
स्वामी चिदानंद ने कहा कि शिवार्चन यानी शिव को सब कुछ अर्पित करना। वह सब कुछ जो शंकर ने ही दिया है। पार्थिव शिवलिंग अर्थात माटी का शिवलिंग बनाकर उनको षोडशोपचार पूजन अर्चन करना, उनका ध्यान करना, वंदन करना, नमन करना यह बताता है कि हम पंचभूत से बने हैं और अंत में हमें इसी माटी में समाहित हो जाना है। कहा कि राम नाम महज नाम नहीं है, बल्कि जीवन का वह आराम है। जिसे पाने के लिए मानव जन्म से जन्मांतर तक भटकता रहता है। कहा कि राम नाम जप ने वाल्मीकि को संत बना दिया तो आप क्यों पीछे हैं। आश्रम के साधक विकास जायसवाल ने बताया कि 24 घंटे के अखंड रामायण पाठ के समापन पर भंडारे का आयोजन आश्रम परिसर में होगा। इस मौके पर आनंद गुप्ता, प्रेमचंद जायसवाल, भरत जायसवाल, अंजनी राय, गणेश जायसवाल, अनूप जायसवाल माैजूद रहे।