स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग अभियान को लेकर निजी एवं वित्तविहीन विद्यालय लापरवाही बरत रहे हैं। 919 स्कूलों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू की है।
सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को 22 सितंबर तक हर हाल में पंजीकरण का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय बीतने के बाद भी पोर्टल पर पंजीकरण न कराने पर संबंधित स्कूल की मान्यता रद की जाएगी। जिले में 1939 माध्यमिक और बेसिक के परिषदीय, वित्तविहीन विद्यालय है।
विद्यालयों की रेटिंग साफ-सफाई के साथ ही हर साल स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण और विद्यार्थियों की स्वच्छ आदतों से भी तय किया जाता है।
शासन ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचबीआर) 2026-27 की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत जिले के सभी विद्यालयों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसएचबीआर के तहत विद्यालयों की व्यवस्थाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का विभिन्न स्तरों पर आकलन किया जाएगा। इसके लिए विद्यालयों के प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों को एसएचबीआर पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को प्रमाण पत्र, मान्यता और प्रोत्साहन के रूप में अनुदान दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन जिले में अब तक 1020 स्कूलों ने ही पंजीकरण किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि जिन 919 स्कूलों ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है वह 22 सितंबर तक करा लें। उक्त तिथि के बाद राजकीय स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोका जाएगा।