फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP News: बसपा के पूर्व विधायक के खिलाफ एक हफ्ते में दूसरी एफआईआर, तिहरे हत्याकांड में हो चुकी है उम्रकैद

Tue, 16 Jun 2026 10:31 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, भदोही।

सार

Bhadohi News: भदोही जिले में बसपा के पूर्व विधायक उदयभान पर हफ्ते के भीतर दूसरी बार प्राथमिकी दर्ज हुई। तिहरे हत्याकांड में उम्रकैद के बाद उदयभान को सशर्त रिहाई मिली है। ऐसे में शर्तों के उल्लंघन पर पूर्व विधायक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
विज्ञापन
पूर्व विधायक उदयभान उर्फ डाक्टर सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तिहरे हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा भुगतने के दौरान कोर्ट से सशर्त रिहाई पाने वाले औराई के बसपा के पूर्व विधायक उदयभान सिंह उर्फ डॉक्टर सिंह के खिलाफ एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार कार्रवाई हुई है। उदयभान सिंह, पत्नी रीता, पुत्र आशीष समेत आठ लोगों के खिलाफ जमीन पर जबरन कब्जा करने और अवैध निर्माण कराने के आरोप में सोमवार को गोपीगंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन


क्या है मामला
बघेल छावनी गोपीगंज निवासी उमेश सिंह बघेल ने बताया कि उनकी और उनके भाइयों की पुश्तैनी जमीन गोपीगंज में है। उस पर मिर्जापुर के सेमरा निवासी पूर्व विधायक उदयभान सिंह, पूर्व विधायक की पत्नी रीता सिंह व पुत्र आशीष कुमार सिंह के साथ सहयोगी गोपीगंज के चकबसेहू निवासी अजीत सिंह, पर्वतपुर निवासी विपुल सिंह, धनापुर निवासी सुनील कुमार दुबे, सुरेश प्रसाद निवासी जगन्नाथपुर समेत अन्य ने अवैध निर्माण कराकर जबरन कब्जा कर लिया। बताया कि अवैध निर्माण का विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मार देने की धमकी दी गई।

इसे भी पढ़ें; Dalmandi Varanasi: दालमंडी में पोकलैंड मशीन से पांच भवन तोड़े, सुबह सात बजे से शुरू किया गया था ध्वस्तीकरण
विज्ञापन


रिहाई की शर्तों के उल्लंघन पर बढ़ सकती है मुश्किल
गोपीगंज कोतवाली में एक सप्ताह के भीतर दो प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूर्व बसपा विधायक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गोपीगंज-मिर्जापुर तिराहे पर चार अप्रैल 1999 को सूर्यनारायण उर्फ वकील शुक्ल, देवीशंकर दुबे और शेषमणि दुबे की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बसपा के पूर्व विधायक उदयभान सिंह सहित पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। साल 2001 में अदालत में समर्पण किया। इसके साल 2002 में जेल से ही औराई विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर उदयभान सिंह ने चुनाव लड़ा और इसमें जीत मिली। साल 2004 में तिहरे हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने उदयभान सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उदयभान सिंह की विधानसभा की सदस्यता चली गई थी। करीब 20 साल तक जेल में रहने के बाद अच्छे आचरण और खराब स्वास्थ्य के आधार पर उदयभान को साल 2022 में रिहा करने का आदेश दिया गया था। रिहाई के दौरान कुछ शर्तें रखी गई थीं।
विज्ञापन

नौ जून को भी दर्ज हुई थी प्राथमिकी
बसपा के विधायक उदयभान के खिलाफ नौ जून को गोपीगंज कोतवाली में जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। गोपीगंज के बघेल छावनी निवासी सुमन लता सिंह और कामिनी रजवार ने आरोप लगाया था कि उनकी जमीन पर बने गेट का ताला तोड़कर पूर्व विधायक ने अपना ताला लगा दिया और भवन निर्माण का काम रुकवा दिया था।

रिहाई में रखी गई थीं ये शर्तें
  • भदोही या मिर्जापुर जिले में प्रवेश नहीं करना।
  • जेल से बाहर रहने के दौरान कोई आपराधिक गतिविधि या विवाद में शामिल नहीं होना। 
  • जेल से बाहर रहने के दौरान समाज में अच्छा आचरण बनाए रखना। 
  • मामले से जुड़े किसी भी गवाह, सबूत या पीड़ित पक्ष को धमकाने या प्रभावित करने का प्रयास नहीं करना।
  • अदालत की हर सुनवाई या बुलावे पर समय से उपस्थित होना।

अधिकारी बोले
शिकायत की जांच में जमीन पर कब्जा कर बाउंड्रीवॉल बनाने का मामला आया है। इसके बाद पूर्व विधायक उदयनभान सिंह समेत कुल आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आजीवन कारावास के मामले में रिहाई किन शर्तों पर मिली है, इसका अवलोकन किया जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी। -अभिनव त्यागी, एसपी

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें