ज्ञानपुर। लॉकडाउन का असर और कुछ किसानों की बेरुखी से जिले में गेहूं की सरकारी खरीद को झटका लगा है। खरीद केंद्रों के ताजे आंकड़े इसके गवाह हैं।15 अप्रैल से अब तक मात्र 45 फीसदी गेहूं की खरीद हो पाई है, जबकि 30 जून की बजाए अधिकतर केंद्र पहले ही बंद हो चुके हैं। घर-घर किसानों के गेहूं खरीद के लिए बना सचल दल भी कारगर साबित नहीं हो सका।
किसानों को अधिक लाभ हो इसलिए केंद्र सरकार ने गेहूं की खरीद का सरकारी/समर्थन मूल्य 1950 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जिले में 32 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 25 से अधिक क्रय केंद्र बनाए गए। 30 जून को सीजन समाप्त हो जाएगा, लेकिन लक्ष्य के मुकाबले अब तक 2450 किसानों से मात्र 14 हजार 385 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद ही हो सकी है। विपणन केंद्रों की स्थिति फिलहाल ठीक रही, लेकिन पीसीएफ और अन्य एजेंसियां गेहूं खरीद में फिसड्डी रह गईं। विभाग का मानना है कि लॉकडाउन और कोरोना वायरस के कारण किसान गेेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच सके। कुछ किसान गेहूं महंगा होने का इंतजार भी करते रहे। खरीद को बेहतर करेन के लिए मोबाइल क्रय केंद्र बनाए गए, लेकिन वह भी कारगर नहीं हो सका।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि गेहूं की खरीद खत्म हो चुकी है। कोविड-19 के कारण खरीद अच्छी नहीं रही। 2019 में करीब 65 फीसदी खरीद हुई थी जबकि इस साल 20 फीसदी कम खरीद हुई।