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13 से कम सीट वाले वाहनों में नहीं ढो सकते स्कूली बच्चे

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ज्ञानपुर। अब 13 से कम सीट वाले वाहनों में स्कूलों बच्चों को नहीं ढो सकते हैं। इसका पालन नहीं करने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति व जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्कूली वाहनों के संचालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
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डीएम ने कहा कि बिना मानक को पूर्ण किए कोई भी वाहन न चले। परिवहन विभाग की यह जिम्मेदारी है कि जो भी नियमों का उल्लंघन कर रहा हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। स्कूली वाहनों में साथ चलने वाले चालक और परिचालकों के पास भी नियमानुसार कागजात होने चाहिए। बैठक में यातायात नियमों को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहा गया कि वे अपने स्तर से पत्र भेजकर स्कूलों केे अवगत करा दें कि 13 से कम सीट वाले वाहनों से बच्चे न ढोए जाएं। ऐसा करने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि बच्चों को वाहन से ले जाते समय स्कूल के एक स्टाफ को बस में जरूर ड्यूटी लगाएं। वह ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो जिम्मेदार हो। बच्चों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखे। निजी/प्राइवेट स्कूलों के सभी वाहन चालकों के चरित्र व ड्राइविंग लाइसेंस का अभियान चलाकर शत प्रतिशत सत्यापन कराया जाए। डीआईओएस और बीएसए को कहा कि अपने स्तर से पत्राचार कर सभी स्कूल प्रबंधकों को डीएल व चरित्र प्रमाण-पत्र सत्यापन हेतु निर्देशित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे डग्गामार सवारी वाहनों एवं स्कूल वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाकर कार्यवाही करें। व्यावसायिक वाहन जिनपर रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नहीं लगे हैं उनके विरुद्ध लगातार प्रवर्तन की कार्यवाही की जाए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने भी यातायात नियमों का पालन कराने के लिए कहा। एआरटीओ अरुण कुमार ने स्कूली बसों के लिए जो नियम हैं उनके बारे में विस्तार से बताया।
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