ज्ञानपुर। जिले में निजी अस्पतालों की ओर से नवीनीकरण प्रक्रिया सुस्त हो रही है। बीते डेढ़ महीने से चल रहे नवीनीकरण कार्य में अब तक 138 में केवल 52 अस्पताल की नवीनीकरण करा सके हैं। शेष 86 अस्पताल अब भी बिना नवीनीकरण के ही चल रहे हैं। इन अस्पतालों की ओर से ऑनलाइन प्रक्रिया तो पूरी कर ली गई है, लेकिन अन्य प्रक्रिया में सुस्ती बरती जा रही है।
जिले में एक मई से नवीनीकरण प्रक्रिया शुरू की गई है। निजी अस्पतालों के नवीनीकरण को लेकर ऑनलाइन आवेदन के साथ ही अपने अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के साथ ही डॉक्टरों के साथ अन्य जानकारी भी दिए जाने थे। जिसके बाद टीम सत्यापन कर अस्पताल की नवीनीकरण प्रक्रिया को संपन्न कराने में जुटी है। जिले के 138 अस्पतालों ने नवीनीकरण को लेकर ऑनलाइन आवेदन किया। प्रक्रिया 30 जून तक पूरी कराई जानी है, लेकिन अब तक केवल 52 निजी अस्पतालों का ही नवीनीकरण हो चुका है। अन्य अस्पताल ऑनलाइन आवेदन के बाद से ही सुस्त पड़ गए हैं। जिसके कारण नवीनीकरण की रफ्तार भी मद्धम पड़ गई है। हालांकि विभाग की ओर से चुनाव भी लेट होने का कारण बताया जा रहा है। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि 138 की तुलना में 52 अस्पताल का नवीनीकरण किया जा चुका है। बाकी प्रक्रिया चल रही है। मौके पर नोडल अधिकारी पहुंच कर ही सत्यापन करते हैं। इसके बाद ही पंजीकृत किया जाता है। जल्द ही अस्पतालों के नवीनकरण का कार्य पूरा किया जाएगा।
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सत्यापन के लिए यह देनी है जानकारी
निजी अस्पतालों को चुनाव के लिए अस्पताल में डॉक्टर का नाम, रजिस्ट्रेशन, कौन-कौन कर्मचारी है, मरीज के बैठने का स्थान, ओटी, अग्निशमन का लाइसेंस आदि की जानकारी देनी है। इसके अलावा शुल्क बोर्ड, जिस पर अंकित किया जाए वहां ऑपरेशन का खर्च, जांच शुल्क, ओपीडी चार्ज, बेड चार्ज आदि लिखा होना चाहिए। ताकि मरीज से अतिरिक्त पैसा न लिया जाए।