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‘संस्कृति से जुड़े हैं संस्कार और व्यवहार’

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ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कौमी एकता सप्ताह में सोमवार को बीएड विभाग की ओर से सांस्कृतिक एकता दिवस का आयोजन किया गया। इसमें देश के सांस्कृतिक समन्वय पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृति से संस्कार और व्यवहार दोनों जुड़े हैं।
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प्राचार्य डॉ. पीएन डोंगरे ने कहा कि हमारे देश में संस्कृतियों के बीच में एक अच्छा समन्वय है। हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. किरण शर्मा ने कहा कि हमारे व्यवहार एवं संस्कार हमारी संस्कृतियों से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं। जंतु विज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ. शुभ्रा श्रीवास्तव ने भारत की संस्कृति को विदेशियों की ओर से अपनाए जाने पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कुछ स्वार्थी लोग हमारी सांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश शर्मा, डॉ. मंजुला गुप्ता, डॉ. रोशन प्रसाद, मोनिका सरोज, अमित गोयल, विनय मिश्रा, जय सिंह यादव, सर्वेशानंद, डॉ. सुशील कुमार आदि रहे।
इससे पूर्व रविवार को महाविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग की ओर से कमजोर वर्ग दिवस मनाया गया। इसमें प्राचार्य ने समाज के कमजोर वर्ग के समक्ष आने वाले संकट को रेखांकित करते हुए कहा कि बौद्धिक वर्ग का दायित्व है कि निर्बल वर्ग का विश्वास बढ़ाएं। चिंतक एवं समाजशास्त्री डॉ. जयशंकर मिश्र ने अनेक कालखंडों से अर्जित असमानता को विकीर्ण करने का सुझाव दिया। कहा कि सबल को चाहिए कि निर्बल को गले लगाकर उनका कल्याण करें। विभागाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद यादव ने कमजोर वर्ग के उत्थान पर प्रकाश डाला। अर्थशास्त्री डॉ. महेंद्र त्रिपाठी ने कमजोर वर्ग के आर्थिक विकास एवं सामाजिक कल्याण के लिए सरकारी योजनाओं और नीतियों को प्रभावी करने पर जोर दिया। महाविद्यालय के डॉ. घनश्याम मिश्रा, एके मिश्रा, डॉ. अरुण सिंह, डॉ. सूर्यनाथ खरवार ने भी विचार रखे। इस मौके पर अवधेश सिंह यादव, मनोज विश्वकर्मा, अरुण सिंह कुशवाहा, बालकेश्वर प्रजापति आदि रहे।
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