भदोही, औराई व ज्ञानपुर तहसील में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। तीनों तहसीलों में आए कुल 308 शिकायतों में से मात्र 24 का निस्तारण हो पाया। अवशेष 308 मामले संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय में निस्तारित करने के निर्देश के साथ सौंप दिए गए। संबंधित अधिकारियों को आगाह किया गया कि शिकायतों का निस्तारण तय समय में नहीं किया गया तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
औराई तहसील में मुख्य विकास अधिकारी भानुप्रताप सिंह ने 113 में से आठ, भदोही में एसडीएम चंद्रशेखर ने 120 में से 12 और ज्ञानपुर तहसील में एसडीएम योगेंद्र कुमार ने 75 में से 4 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया। अधिकारियों ने पिछले संपूर्ण समाधान दिवस में आएमामलों की समीक्षा कर बढ़ते राजस्व मामलों के प्रति नाराजगी जताई। इस मौके पर सीएमओ डॉ.एसके चक, सीओ रामलखन मिश्रा, तहसीलदार तनुजा निगम, विजय यादव, सत्यपाल प्रजापति, संजय कुमार, ज्ञानप्रकाश सिंह, दिनेश यादव, थाना प्रतिनिधि, लेखपाल, कानूनगो आदि मौजूद रहे। उधर, सदर तहसील में प्रार्थनापत्र लेकर आए बेरवां पहाड़पुर निवासी दशामन पांडेय ने बताया कि वे लगभग 15 वर्ष से तहसील का चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी न तो भू अभिलेख में नाम चढ़ा रहे हैं और न ही तहसील का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है। कुछ कर्मी कई बार सुविधा शुल्क भी ले चुके हैं। शिकायत करने पर तहसीलदार की ओर से लेखपाल, कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं की गई। इसी क्रम में गांधी गांव से उमेश शंकर पांडेय ने आरोप लगाया कि वह 10वीं बार प्रार्थनापत्र लेकर पहुंचे हैं। कहा कि कुछ लोग भूमिधरी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। आरोप लगाया कि शिकायत करने पर गत वर्ष गोपीगंज पुलिस मौके पर आई तो कब्जा करने वालों से मिलीभगत कर उनकी ही मंशा पूरी करा दी। इस बार यह सोच कर आए थे कि प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में भूमाफिया के खिलाफ चल रही कार्रवाई से उन्हें न्याय मिल जाएगा। एसडीएम सदर योगेंद्र कुमार ने फिर से राजस्व कर्मियों को उनके मामले की जांच सौंप दी है।