ज्ञानपुर में चिकित्सक को राहत मिली है। बताते चलें कि चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा था और जुर्माना भी लगाने की बात थी। राज्य उपभोक्ता अदालत ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि फिलहाल वसूली की नोटिस वापस ली जाए। मामला अभय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल का बताया जा रहा है। प्रसव पीड़िता के इलाज में लापरवाही बरतने का लगा था आरोप। जिला उपभोक्ता आयोग ने पीड़ित को 45 लाख रुपये क्षतिर्पूति देने का निर्देश दिया था।
ज्ञानपुर में प्रसव पीड़िता के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में उपभोक्ता आयोग की ओर से लगाए गए 45 लाख रुपये के जुर्माने के मामले में डॉक्टर अभय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल, गोपीगंज की संचालिका गीतू सिंह को राज्य उपभोक्ता आयोग से राहत मिली है। राज्य उपभोक्ता आयोग की अदालत ने जिला उपभोक्ता आयोग के आदेश पर रोक लगा दी। आदेश के अनुपालन में जिला उपभोक्ता आयोग ने फिलहाल वसूली नोटिस वापस ले ली है।
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ज्ञानपुर के रामपुर निवासी क्षमा पांडेय व उनके पति कुलदीप पांडेय समेत अन्य ने 13 फरवरी 2023 को डॉक्टर अभय सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल, गोपीगंज संचालिका गीतू सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया था कि उनके प्रसव सर्जरी में अस्पताल की ओर से लापरवाही बरती गई। बताया कि चिकित्सक ने नार्मल डिलवरी की बजाय आपरेशन की सलाह दी। पीड़िता के परिजनों से 30 हजार ऑपरेशन के लिए और 10 हजार की दवा दी गई। जिसका कोई रसीद भी नहीं दिया।
आरोप लगाया था कि चिकित्सक गीतू सिंह ने लापरवाही पूर्वक इलाज करते हुए गर्भवती को आंतों काट दिया था। जिससे पूरे शरीर में संक्रमण हो गया और रक्तस्राव होने लगा। बनारस के एक निजी अस्पताल में लंबे खर्च के बाद किसी तरह उनकी जान बच सकी। मामले में गोपीगंज कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। जिला उपभोक्ता आयोग ने इस पर सुनवाई करते हुए बीते 29 अप्रैल को डॉ. अभय सिंह मेमोरियल अस्पताल पर पीड़ित को 45 लाख क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया था।
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जिसके बाद अस्पताल संचालक राज्य उपभोक्ता आयोग ने अपील दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए राज्य उपभोक्ता आयोग ने आदेश पर रोक लगा दी है। राज्य उपभोक्ता आयोग के आदेश के अनुपालन जिला उपभोक्ता आयोग ने वसूली नोटिस वापस ले ली है।