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Bhadohi News: अप्रैल में 406, मई में 619 रुपये जमा किया बिल, फिर निगम ने लगाया प्रीपेड स्मार्ट मीटर, जनवरी में आया 14302 रुपये का बिल का मेसेज

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रमेश चंद्र पुराना बिल। - फोटो : 1
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ज्ञानपुर। बिजली निगम ने बिल की गड़बड़ी दूर करने के लिए जीएमआर कंपनी का प्रीपेड मीटर लगाना शुरू किया है। निगम का दावा है कि उपभोक्ताओं को हर महीने की पांच तारिक को बिल बिना गड़बड़ी के मिल जाएगा। अभी तो व्यवस्था शुरू ही हुई है कि उपभोक्ता बिल में गड़बड़ी की शिकायत लेकर उपकेंद्र पर पहुंच रहे हैं। गोपीगंज के खरहट्टी मोहाल के रहने वाले रमेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि अप्रैल 2025 में 406 रुपये, मई 2025 में 619 रुपये का बिल आया था। तीन महीने पहले जब बिजली निगम ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया तो बताया गया था कि अब बिल में गड़बड़ी की शिकायत नहीं आएगी। तीन महीने बाद अब निगम की ओर से मोबाइल पर 14302 रुपये का बिल का मेसेज आया है। इसी तरह गोपीगंज के शिवा अग्रहरि ने बताया कि ठंडी के मौसम में घर में दो एलईडी बल्ब जलता है। नवंबर महीने में 318 रुपये और दिसंबर में 1098 रुपये का बिल निगम ने भेज दिया है।
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अब तक 80 हजार मीटर बदले जा चुके हैं
ज्ञानपुर और भदोही वितरण खंड में दो लाख 51 हजार उपभोक्ता हैं। 33 उपकेंद्रों से बिजली आपूर्ति होती है। 20 हजार ट्रांसफाॅर्मर लगाए गए हैं। अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि बिजली चोरी, लाइन लॉस और बिलिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 80 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।

उपभोक्ता डाउनलोड करें ऊर्जावान और यूपीपीसीएल स्मार्ट एप
अधीक्षण अभियंता राधेश्याम ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड या स्मार्ट मीटर लगा है। वे अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से उर्जावान या यूपीपीसीएल स्मार्ट एप डाउनलोड करें। इससे उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान होगा। नए मीटर में किसी तरह की कोई समस्या नहीं है। जितना बिजली का उपयोग उपभोक्ता करेंगे। उतने का ही बिल उनको भुगतान करना है।
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एप की ये हैं विशेषताएं
- प्रतिदिन कितनी यूनिट बिजली खर्च हुई इसकी जानकारी मिलेगी।
- आवंटित लोड से अधिक लोड खर्च करने पर अलर्ट मेसेज मिलेगा।
- उपभोक्ता अपनी शिकायत एप के माध्यम से कर सकेंगे।
- बीते 15 दिन में कितनी बिजली खर्च हुई उसका ब्योरा देख सकेंगे।
- कब-कब कितना बिल जमा किए हैं उसकी भी जानकारी मिलेगी।
- प्रतिदिन की रीडिंग भी इसमें फीड रहती है।

केस-एक- एक महीने पहले बिजली निगम ने पुराना मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाया है। घर में सिर्फ दो एलईडी बल्ब जलता है। पुराने मीटर से 318 रुपये बिल आता था। इस महीने 1098 रुपये का बिल आया है। जेई से शिकायत की गई है। अभी तक बिल सुधार नहीं हो सका है। - शिवाजी अग्रहरि, गोपीगंज।
केस-दो-
तीन महीने पहले पुराने मीटर की जगह स्मार्ट मीटर लगाया गया है। अप्रैल से सितंबर 2025 तक हर महीने 450 से लेकर 650 तक बिल आता था। नए स्मार्ट मीटर से बिल छह गुना तक बढ़ गया है। बिल संशोधन के लिए शिकायत किए हैं। अभी सुधार नहीं हुआ है। - रमेश चंद गुप्ता, खरहट्टी मोहाल, गोपीगंज।
केस-तीन-
पुराने मीटर से ठंडी में 12 से 16 सौ रुपये तक बिल आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद से 22 से 25 सौ रुपये तक बिल आ रहा है। घर में सिर्फ छह से सात एलईडी बल्ब है। 20 दिन पहले शिकायत किए थे। अभी तक संशोधन नहीं हुआ है। - रमाशंकर, कुसौड़ा।
केस-चार- पहले एक किलोवाट के कनेक्शन पर 200 से 250 रुपये बिल आता था। नया स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल एक हजार रुपये तक आ रहा है। घर में सिर्फ पंखा और लाइट का उपयोग होता है। बिल रीडिंग से नहीं बन रहा है। - झुल्लूर बिंद, गंगारामपुर।



जीएमआर कंपनी के प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बिल संबंधित परेशानी नहीं हो सकती है। ये हर महीने की पांच तारिक कोे बिल ऑटो जेनरेट हो जाती है। ये हो सकता है कि नेटवर्क नहीं मिलने के कारण किसी उपभोक्ता की रीडिंग फेच नहीं हुई होगी। इस कारण समस्या आ सकती है। इसके लिए उपभोक्ता मीटर का पांच मिनट का वीडियो बनाकर अपने उपकेंद्र के जेई और एसडीओ से मिल कर बिल संशोधन करा लें। पुराने मीटर की स्टोर रीडिंग भी नए बिल में जोड़कर आ रही है इस कारण उपभोक्ताओं को लग रहा है कि बिल अधिक आ रहा है।
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- राधेश्याम, अधीक्षण अभियंता विद्युत
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