भ्रष्टाचार पर सरकार भले ही जीरो टोलेरेंस की बात करती है, लेकिन धरातल पर स्थिति उलट है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने नियुक्ति और आरक्षण के मामले में डाक से भेजे गए पत्र को लेने से इंकार कर दिया, जिसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई है।
सीडीओ ने मामले की जांच के लिए बचत अधिकारी अजय सिंह को नामित किया। एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। दो महीने पूर्व अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने अभोली, सुरियावां और औराई में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में नियुक्ति के आरक्षण में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सूचना मांगी थी। विभाग ने उक्त पत्र को लेने से इंकार कर दिया। अधिवक्ता ने पत्रों के संस्करण पोस्ट ट्रैकिंग सहित लगाते हुए डीएम से जांच कराने की मांग की। प्रभारी डीपीओ मंजू वर्मा ने कहा कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है।