ज्ञानपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व विजयदशमी मंगलवार को मनाया जाएगा। इसके निमित्त तैयारियों को देर शाम तक अंतिम रूप दे दिया गया। रामलीला के समापन के बाद रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। कई स्थानों पर दहन करने के लिए विशालकाय रावण बनाया गया है। दशहरा पर जिले में विभिन्न स्थानों पर मेले का आयोजन भी किया जाता है।
मर्यादा की रक्षा के लिए संग्राम में स्वयं पुरुषोत्तम श्रीराम ने रावण को धराशायी किया था। उसके बाद से बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक पर्व को सोल्लास मनाने का चलन शुरू हुआ। इस बार दशहरा मंगलवार को मनाया जाएगा। दशहरा पर परंपरागत ढंग से रावण के पुतले जलाए जाएंगे। इसके लिए कई स्थानों पर विशालकाय रावण तैयार किया गया है। केएनपीजी कॉलेज के रामलीला मैदान पर आयोजित दशहरा में 40 फीट ऊंचा रावण जलाया जाएगा। ज्ञानपुर के रावण के पुतले का निर्माण पूरा कर लिया गया है। पुरानी बाजार में राजू कुरैशी रावण का पुतला बना रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार 40 फीट के रावण को बनाया जा रहा है। अगली बार इससे भी ऊंचा रावण बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसी तरह औराई क्षेत्र के सहसेपुर में भी विशालयकाय रावण जलाया जाएगा। समिति के शुभम मिश्रा ने इसे जिले का सबसे बड़ा रावण का पुतला होने का दावा किया। दशहरा पर विविध स्थानों पर मेले का आयोजन किया जाएगा। अभोली ब्लॉक के भौथर गांव में विजयदशमी का मेला लगेगा। यह जानकारी ग्राम प्रधान कृपा शंकर तिवारी ने दी। मोढ़ क्षेत्र के बरमोहनी गांव में भी मेला लगेगा। पूर्व बीडीसी संजय यादव ने बताया कि मेला परंपरागत ढंग से होगा। इसी तरह अन्य तमाम स्थानों पर दशहरा मेला का आयोजन किया गया है। इसके लिए तमाम दुकानें और झूले आदि सज गए।