गोपीगंज। स्थानीय बाजार में होने वाली ऐतिहासिक रामलीला शनिवार से शुरू हो गई। मुकुट पूजन से शुरू हुई रामलीला में रविवार को कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए रामजन्म होगा। सभी कार्यक्रम सांकेतिक ही कराए जाएंगे।
रामलीला कमेटी के व्यवस्थापक अखिलेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि गोपीगंज की रामलीला इलाके में प्रसिद्ध है। पास के ही गांव के लोग राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण तक का मंचन करते हैं। रामलीला में ताड़का वध, बारी फुलवारी, धनुष यज्ञ, सीता विवाह, वन गमन, भरत मनावन, नाक कटैया, सीता हरण, बालि वध, लंका दहन, रावण अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति, विजय दशमी, सीता शपथ और भरत मिलाप होता है। बताया कि 150 वर्ष से ज्यादा समय से यहां की रामलीला हो रही है। दो वर्ष से कोविड के कारण सांकेतिक रूप से ही आयोजन होते हैं। यहां रामनगर की रामलीला की तरह ही आयोजन होता है। शनिवार को मुकुट पूजन के समय आयोजक अखिलेंद्र सिंह बघेल चिंटू ने पूजन किया। कहा कि यहां की रामलीला से लोगों का जुड़ाव है। इस मौके पर कमेटी के अध्यक्ष उमेश सिंह बघेल, श्रीधर पाठक, सीताराम यादव, मोहित गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता, संदीप सिंह बघेल आदि मौजूद थे।