ज्ञानपुर। जिले की कई सड़कों पर पुल और पुलिया की रेलिंग टूटने, जर्जर होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। 35 स्थानों पर पुल और पुलिया की रेलिंग या तो टूट चुकी हैं या जर्जर हालत में हैं। कुछ स्थानों पर रेलिंग लगाई ही नहीं गई है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। अब तक 40 लोग हुए हादसों का शिकार हो चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारी संजीदा नहीं है। यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकती है।
जिले के दक्षिणी छोर पर गंगा बहती है जबकि उत्तरी छोर पर वरुणा और मोरवा जैसी छोटी नदियां है। इन नदियों के दूसरे पार जाने के लिए पुल बनाए गए हैं। इसी तरह मुख्य रजवाहा और माइनरों से होकर गुजरने वाले मार्गों पर सुरक्षित यात्रा के लिए पुलिया और रेलिंग बनाई गई हैं, लेकिन निगरानी न होने से कई स्थानों पर पुलिया और पुल की रेलिंग टूट चुकी है। उनको अभी तक लगाया नहीं गया है। जिससे बाइक सवार, चार पहिया चालक अक्सर दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। अभी तक इनसे जनहानि तो नहीं हुई है, लेकिन लोग अपना पैर, सिर तुड़वाकर अस्पताल पहुंच चुके हैं।
बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने कुछ स्थानों पर पड़ताल किया तो धरातल पर व्यवस्था राम भरोसे ही दिखा। पल्हैया कोम मार्ग पर स्थित रेलिंग विहीन ओदारनाथ पुल दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। नदी पर बने पुल की दोनो तरफ की रेलिंग टूटी है। यह पांच साल पहले टूटी, लेकिन अब तक नहीं लग सकी। सुरियावां से कटवार जाने मार्ग पर वरूणा नदी पर बना पुल भी जर्जर हो चुका है।
दुर्गागंज के भानीपुर मार्ग पर नहर की पुलिया भी कई माह पहले टूट गई है। अभी तक इसको सही नहीं किया गया। जिससे बाइक, चार पहिया और भारी वाहन अनियंत्रित होकर पलट चुके हैं। जिससे कई लोग घायल भी हो चुके। माधोसिंह, अलुआं, बाबूसराय में भी पुलिया रेलिंग विहीन हो गई है। आंकड़ो पर गौर करें तो जिले में करीब 35 पुल और पुलिया की रेलिंग टूट गई है। इन मार्गों से हर रोज औसतन 30 से 35 हजार लोगों का आवागमन होता है।
इन जगहों पर हुए सबसे ज्यादा हादसे
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वरुणा पुल पर हर दूसरे दिन दुर्घटना
- सुरियावां के बावन बीघा तालाब से कटवार जौनपुर जाने वाले मार्ग पर तीन दशक पूर्व वरुणा नदी पर पुल ग्रामीणों ने चंदा लगाकर बनवाया। अब यह जर्जर हो चुका है। पुल सकरी होने के साथ दोनों तरफ सुरक्षा घेरा नहीं है। इससे ओवरटेक के चक्कर में बाइक सवार कई बार नदी में गिर चुके हैं। हर रोज पांच से छह हजार वाहन गुजरते हैं, लेकिन अभी तक इसके स्थान पर दूसरा पुल नहीं बन सका। हर दूसरे दिन यहां एक बाइक सवार घायल हो जाता है।
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नहर की पुलिया पर 15 बाइक सवार हो चुके हैं घायल
- दुर्गागंज के भानीपुर मार्ग पर नहर की पुलिया काफी समय से टूटी है। उक्त मार्ग प्रयागराज के वारी बाजार को जोड़ता है। जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। कुछ माह पूर्व एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। जिसमें चालक-खलासी घायल हो गए थे। अब तक यहां 15 बाइक सवार घायल हो चुके हैं।
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ओदारनाथ पुल पर 10 राहगीर हुए हादसों का शिकार
- मोरवा नदी पर ओदारनाथ पुल की रेलिंग पांच साल पहले टूट गई। कई बार शिकायत के बाद भी उसे सही नहीं किया गया। जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मार्ग पर हर रोज तीन से पांच हजार वाहन गुजरते हैं। यहां भी दो साल पूर्व एक ट्रैक्टर आधा नदी में लटक गया। एक युवक बाइक समेत नदी में गिर चुका है। चार साल में 10 लोग घायल हो चुके हैं।
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रात में दुर्घटना का खतरा ज्यादा
नदी और नहर पर बने पुल-पुलियों की रेलिंग टूटने और जर्जर होने से हादसे हो रहे हैं। रात में इन पुलों और पुलिया से गजरने में ज्यादा हादसे होते हैं। भानीपुर नहर की टूटी रेलिंग के कारण छह महीने पहले एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था, जिसमें चालक और खलासी घायल हुए। अब तक यहां 10 बाइक सवार घायल हो चुके हैं। चौरी के ओदारनाथ पुल पर दो साल पूर्व एक ईंट लदे ट्रैक्टर का आधा हिस्सा नदी की तरफ लटक गया। एक वर्ष पूर्व उगापुर निवासी एक बाइक सवार भी पुल पर ट्रैक्टर को ओवरटेक करने के चक्कर में घायल हो गया था। धनतुलसी में नहर की पुलिया की टूटी रेलिंग से 10 घायल हो चुके हैं।
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- ओदारनाथ पुल की रेलिंग पांच साल पहले भारी वाहन की टक्कर से टूट गई थी। कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। - प्रदीप यादव, डोमनपुर
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- ओदारनाथ पुल की रेलिंग की मरम्मत बहुत जरूरी है। रात के समय इस पुल से गुजरने में डर लगता है। प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार है। - अशोक चौहान, लठिया
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वर्जन
- कुछ सड़कें चौड़ीकरण में प्रस्तावित हैं। उनकी पुलिया का निर्माण लोक निर्माण विभाग करेगा। नहर की पुलिया की रेलिंग विभाग बनवाएगा। - सुधीर कुमार पाल, एक्सईएन नहर।
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- जर्जर पुलों का सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही इसका प्रस्ताव भेजकर नया निर्माण कराया जाएगा। - संदीप सरोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी