ज्ञानपुर। बहुप्रतीक्षित विंध्य एक्सप्रेस-वे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का काम शुरू हो गया है। 333 किमी का यह एक्सप्रेस-वे भदोही के 52 गांवों से होकर गुजरेगा।
जिले में इसकी लंबाई करीब 35 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेस-वे सिक्स लेन का होगा, जिसे आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रशासन से तहसीलवार गांवों और भूमि संबंधी रिपोर्ट मांगी है।
विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले से होकर भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इससे जिले में कनेक्टिविटी और बेहतर हो सकेगी।
वर्ष 2020 में प्रयागराज-वाराणसी सिक्सलेन, 2025 में भदोही-मछलीशहर हाईवे के बाद अब अब प्रदेश सरकार ने विंध्य एक्सप्रेस की स्वीकृति दी है। इसके लिए डीपीआर का काम शुरू कर दिया गया है। एक्सप्रेस-वे के सर्वे के बाद मिट्टी की जांच आदि पूरी हो चुकी है। यह एक्सप्रेस-वे प्रयागराज के सोरांव तहसील के जुड़ापुर दांदू गांव से शुरू होगा। उसके बाद भदोही, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र से होकर छत्तीसगढ़ की सीमा तक जाएगा।
333 किमी लंबा प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे चार राज्यों की सीमा से जोड़ेगा। गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़कर हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगा। इस परियोजना से पूर्वी यूपी में व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के रूट का सर्वे करीब-करीब पूर्ण हो गया है। सिक्सलेन से जहां दिल्ली का रास्ता सुगम होता है, वहीं हाइवे सीधे प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ता है। अब विंध्य एक्सप्रेसवे से मंडल के साथ ही चार राज्यों की सीमा और गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ तक जुड़ाव होगा।