ज्ञानपुर। जिले में 50 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं घोटाले की भेंट चढ़ गई। शुरूआती दौर में कार्यदायी संस्था के अफसरों पर कार्रवाई हुई, लेकिन उसके बाद जांच में फाइलें उलझ गईं। आज तक एक भी ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई नहीं हो सकी।
जिला मुख्यालय के समीप 14 करोड़ की लागत से वर्ष 2009 में 100 शैया अस्पताल का निर्माण शुरू हुआ। करीब 12 साल बाद भी अस्पताल शुरू नहीं हो सका। 2016 में तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने जांच कराई तो करीब नौ करोड़ का घोटाला पकड़ में आया। दोषी परियोजना प्रबंधक समेत चार पर केस दर्ज हुआ। अफसर जेल भी गए, लेकिन अब तक ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। करीब पांच साल से मामला एसआईटी जांच में फंसी हुई है। इसी तरह दीवानी न्यायालय भवन निर्माण में भी करोड़ों रुपये का घोटाला कर लिया गया था। इस मामले में भी निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक के खिलाफ कोतवाली ज्ञानपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। वीरमपुर में निर्माणाधीन आश्रम पद्धति विद्यालय में भी 25 लाख रुपये का घोटाला किया गया। यहां भी कार्यदायी संस्था के अफसरों पर विधिक कार्रवाई हुई, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभोली, दुर्गागंज के निर्माण एजेंसी बगैर कार्य कराए ही 50 लाख डकार कर गायब हो गई। लाखों रुपये अवमुक्त तो कर दिया गया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो जांच भी फाइलों में उलझ गई है। आलम यह है कि जिला अस्पताल, दीवानी न्यायालय और आश्रम पद्धति विद्यालय में लाखों रुपये की धांधली की गई है। औराई में निर्माणाधीन 132 केवीए ट्रांसमिशन को बीच में ही छोड़कर निर्माण एजेंसी फरार हो गई। करीब 125 करोड़ की लागत से बनने वाले ट्रांसमिशन के लिए एक दशक पूर्व भूमि अधिग्रहित की गई। उपकरण भी गिरने लगे, लेकिन एजेंसी काम छोड़कर चली गई।
माह भर से थाने में पड़ी है तहरीर
ज्ञानपुर। परियोजनाओं, सरकारी योजनाओं में धांधली करने वालों की शासन-सत्ता तक पकड़ होने से प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पाता। ताजा मामला डीघ ब्लॉक के 11 ग्राम पंचायतों में 45 लाख के गोलमाल में फंसे एडीओ पंचायत अजय पांडेय के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी। सीडीओ भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर डीपीआरओ ने कोइरौना थाने में महीने भर पूर्व मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी, लेकिन आज तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इनसेट
100 शैया अस्पताल का मामला एसआईटी के पास लंबित है। आश्रम पद्धति स्कूल वीरमपुर, दीवानी न्यायालय निर्माण में भी दोषियों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है।- आर्यका अखौरी- डीएम भदोही।