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जयंती पर याद किए गए चंद्रशेखर आजाद

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ज्ञानपुर। बर्फानी ग्रुप व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शुक्रवार को शहीद पार्क ज्ञानपुर में पहुंच कर स्वतंत्रता संग्राम के महानायक चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी । इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्क में बिखरी गंदगी और कूड़े को साफ किया।
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इस मौके पर बर्फानी ग्रुप के ब्रह्मा मोदनवाल ने बताया कि सन 1906 में मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले में जन्मे महानायक चंद्रशेखर आजाद 14 वर्ष की आयु में वाराणसी पहुंचे। इसके बाद संस्कृत विद्यालय में शिक्षा लेते हुए 1920 में राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गए। इस दौरान गिरफ्तारी के बाद जज के सामने खड़े होकर अपना नाम आजाद, पिता का नाम स्वतंत्रता और निवास स्थान जेल को बताने में जरा सा भी नहीं हिचके। बताया कि चंद्रशेखर आजाद के इस जवाब के बाद जज ने 15 कोड़े की सजा दी। लेकिन कोड़े की मार खाने के दौरान भी आजाद वंदे मातरम, भारत माता की जय बोलते रहे। ऐसे महानायक और क्रांतिकारी को कभी नहीं भुलाया जा सकता। चंद्रशेखर आजाद के संदेशों का अनुसरण करना सभी देशवासियों का कर्तव्य है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सत्यप्रकाश, शुभम पांडेय ,शिवकांत पांडेय, आकाश दुबे, प्रितेश भट्ट, अभिषेक राय, राकेश देववंशी, राजेंद्र सरोज, राम जायसवाल, विजय देववंशी, अनिल माली आदि रहे।
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