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50 करोड़ की परियोजनाएं पकड़ेंगी रफ्तार

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पंचायत चुनाव और कोरोना वायरस के कारण ठप पड़ी 50 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं अब फिर से रफ्तार पकड़ेगी। जिला प्रशासन के कई विभागों में करीब चार-पांच माह से ठप कामकाज शुरू हो गया है। जिससे परियोजनाओं के समय से पूर्ण होने की उम्मीद जगने लगी हें, हालांकि भ्रष्टाचार के कारण कई बड़ी परियोजनाएं सालों बाद भी पूर्ण नहीं हो सकी हैं।
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दरअसल ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद नई पंचायत के गठन के लिए पंचायत चुनाव के साथ कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी ने मानों सभी के हाथ रोक दिए थे। यहां तक की शासन की प्राथमिकता में शामिल प्रत्येक गांव में कम से कम एक सामुदायिक शौचालय व पंचायत भवन के निर्माण कार्य भी थम गया था। कई गांवों में आज तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। ज्ञानपुर नगर के पशु चिकित्सालय में साढ़े छह करोड़ से बन रहे पाली क्लीनिक, विकास भवन में तीन करोड़ की लागत से बन रहे रिसोर्स पर्सन सेंटर, भदोही में कृषि बीज गोदाम समेत 50 करोड़ की परियोजनाएं ठप हो गई थी। पाली क्लीनिक को जहां जून 2021 में पूर्ण होना है, लेकिन वह अभी 60 फीसदी भी पूर्ण नहीं हो सका है। इसी तरह रिसोर्स सेंटर का काम भी आधा अधूरा है। कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने के बाद ऐसे कार्य अब शुरू हो गए हैं। इसको लेकर अधिकारी लगातार समीक्षा भी कर रहे हैं।
पांच साल से लेकर एक दशक पूर्व शुरू हुईं कई परियोजनाएं लापरवाही और भ्रष्टाचार के दलदल में फंसकर अब तक पूर्ण नहीं हो सकीं। आलम यह है कि जिले में 200 करोड़ की परियोजनाएं अधर में लटकी हुईं हैं। तीन परियोजनाएं तो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। जनपद सृजन के दो दशक बाद भी कालीन नगरी विकास के मोर्चे पर उपेक्षित है। यह नहीं कि यहां पर एक भी प्रोजेक्ट की आधारशिला नहीं रखी गई। एक दशक में पांच सौ करोड़ से अधिक की परियोजनाएं शुरू हुईं। लेकिन, इनमें से कुछ पूरी हुईं तो ज्यादातर अब तक अपूर्ण हैं। निर्माण एजेंसियों की लापरवाही से परियोजनाओं का निर्माण निर्धारित तिथि के अंदर नहीं कराया गया। 100 शैय्या का राजकीय अस्पताल, ट्रामा सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभोली, राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय सहित कई परियोजनाएं भ्रष्टाचार में फंसकर पूर्ण नहीं हो सकी।
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सीडीओ भानु प्रताप सिंह का कहना है कि अधूरी परियोजनाओं को पूर्ण कराने के लिए डीएम लगातार समीक्षा कर रही हैं। वहीं सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि रुकी हुई सभी परियोजनाओं को जल्दी से जल्दी पूर्ण कराएं। गांवों में निर्माणाधीन सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन को पूर्ण कराने के लिए एडीओ और सचिवों को निर्देश दिया गया है।
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