मुंबई की ओर जाती कामायनी एक्सप्रेस सवार होने का प्रयास करते यात्री। स्रोत- संवाद
भदोही। गर्मी की छुट्टियां हो चुकी हैं। स्कूली बच्चों के गर्मी की छुट्टी मनाने की जिद के बीच माता पिता भी उनके लिए महानगरों को घूमने की तैयारी तो कर रहे हैं लेकिन आरक्षण टिकट के बिना लोगों की आस अधूरी रह जा रही है। देखा जाए तो भदोही से नई दिल्ली, जयपुर, लोकमान्य तिलक, हावड़ा, अमृतसर जाने के लिए गर्मी की छुट्टी तक बर्थ मिल पाना मुश्किल है। जिन लोगों ने समझदारी दिखाई उन्होंने छुट्टियां होने से पहले ही टिकट करा लिए। लेकिन बाकी लोग टिकट के लिए भाग दौड़ कर रहे हैं।
अधिकतर स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां 30 जून तक समाप्त हो जाएंगी। अब स्कूली बच्चों को कहीं घूमने जाने के लिए मुश्किल से 25 दिन ही बचे हैं। काफी बच्चे तो माता पिता के लिए घूमने के लिए निकल चुके हैं। इससे ट्रेनों में दबाव भी बढ़ गया है। मुंबई की ओर, हावड़ा की ओर, अमृतसर की ओर अथवा नई दिल्ली की ओर से 30 जून तक तो अब कहीं से जाने और आने के लिए बर्थ खाली नहीं है। अभी भी बहुत से बच्चे केवल टिकट के लिए घर से नहीं निकल पा रहे हैं।
हाल यह है कि 12166 रत्नागिरी एक्सप्रेस में स्लीपर में 18 जुलाई और एसी में 11 जुलाई तक बर्थ नहीं है। मुंबई को ही जाने वाली 11072 कामायनी एक्सप्रेस में 12 जुलाई तक तथा एसी में 7 जुलाई तक बर्थ नहीं है। गोरखपुर-एलटीटी 15018 की बात करें तो एसी में 21 जुलाई का टिकट मिल पा रहा है जबकि स्लीपर में 14 अगस्त तक बर्थ नहीं है। इसी प्रकार से अमृतसर को जाने वाली 13005 पंजाब मेल में 22 जुलाई तक टिकट मिल पा रहा है। जबकि हावड़ा की ओर जाने वाली इसी ट्रेन में 8 जुलाई ट्रेन फुल है।
जयपुर को जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन मरुधर एक्सप्रेस में स्लीपर में 9 जुलाई तक तथा एसी में जून के पहले बर्थ उपलब्ध नहीं है। नई दिल्ली की ओर जाने वाली 15127 केवी एक्सप्रेस मे 30 जून के बाद एसी का तथा 5 जुलाई के बाद स्लीपर का टिकट है। वाराणसी-आनंद विहार-गरीब रथ एक्सप्रेस में 5 जुलाई को कोई बर्थ खाली नहीं है। जबकि नीलाचल एक्सप्रेस में एसी 29 जून के बाद तथा स्लीपर में 4 जुलाई के बाद ही बर्थ उपलब्ध है।
कोई भी छुट्टी हो कहीं जाने के लिए पहले से प्लानिंग करनी होती है। जिन्होने गर्मी की छुट्टियों की तैयारी की वे आज छुट्टियां मनाने निकल चुके हैं। इसी के चलते ट्रेनों पर दबाव बढ़ गया है और बर्थ नहीं मिल पा रहा है। कोमल सिंह, स्टेशन अधीक्षक