ज्ञानपुर। ग्राम पंचायतों में सरकारी पैसे का दुरुपयोग का ताजा मामला सामने आया है। प्रधान-सचिव तालमेल बनाकर भुगतान करा रहे हैं। भदोही ब्लॉक के तुलसीचक गांव में ग्राम प्रधान ने बेटे और भाई को मनरेगा मजदूर बनाकर बिना काम कराए मनरेगा से 1 लाख 23 हजार 961 रुपये का भुगतान कर दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर बीडीओ भदोही ने जब जांच की तो मामला उजागर हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम विशाल सिंह ने प्रधान को नोटिस भेजकर 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।
तुलसीचक गांव के ग्रामीणों ने पिछले दिनों डीएम को पत्रक देकर आरोप लगाया कि गांव में बिना काम के ही मनरेगा व ग्राम निधि के खाते से पैसा निकाल लिए गए। उन्होंने पैसा निकासी का साक्ष्य भी दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने जांच कराई तो मामला सही निकला। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में कहा कि ग्राम प्रधान ने मनरेगा श्रमिक दिखाकर अपने पुत्र के नाम 28032 रुपये का भुगतान किया। वहीं भाई के नाम 8160, छोटे भाई के नाम 12321, भतीजे के नाम 39204, अपने खास के नाम पर 24742 रुपये व 11502 रुपये का भुगतान किया।
कागजों पर 24 हैंडपंप को कराया रिबोर, जमीन पर नहीं दिखा सके
इसके अलावा गांव में 24 हैंडपंप रीबोर दिखाए गए हैं। जांच में प्रधान एक भी रीबोर हुए हैंडपंप नहीं दिखा सके। इससे यह भी अनियमितता की श्रेणी में आता है। गांव में मनरेगा के साथ ही हैंडपंप रिबोर में भी धांधली मिली। बीडीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने प्रधान को नोटिस भेजकर 15 दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
कोट
नोटिस भेजकर प्रधान से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तथ्यपरक जवाब न देने पर अधिकार प्रधान के पावर को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी