भदोही जिले के केजीएसजी बैंक अभोली में पुलिस की सख्ती पर 12.40 बजे सोशल डिस्टेंस में बैठे खाताधारक।
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ज्ञानपुर (भदोही)। लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन समुचित ढंग से नहीं हो पा रहा है। लॉकडाउन पर पुलिस-प्रशासन का पहरा कमजोर पड़ता दिख रहा है। पुलिस चौराहों-तिराहों पर केवल बाइक सवारों की चेकिंग में परेशान रहती है, जबकि बाजारों में और बैंकों के सामने उपभोक्ताओं की भीड़ सोशल डिस्टेंसिंग को हर रोज दरकिनार करती रहती है। उस पर किसी का ध्यान नहीं जाता।
बुधवार को अमर उजाला ने विभिन्न इलाकों में नजर दौड़ाई तो कहीं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता दिखा तो तमाम स्थानों पर वायरस के बढ़ते संक्रमण के प्रति लापरवाही दिखी। बैंकों के समक्ष लोगों की भारी भीड़ पैसे निकालने के लिए लगी रही। हालांकि बैंक प्रबंधन इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते दिखे। यद्यपि बैंकों के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का जितना पालन कराया जा रहा था, उतनी संजीदगी से गेट के बाहर बैठे लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं कराया जाता दिखा। बैंकों के सामने भीड़ लगे ही नहीं, इसके लिए गत दिनों जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बैंकों को घर-घर कैश पहुंचाने की व्यवस्था करने का जो आदेश दिया था, वह हवा-हवाई साबित होता दिखा। इसके लिए जिलाधिकारी ने तीन वाहनों को भी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जो घर-घर जाकर लोगों की पैसे की जरूरत पूरी करते।
ज्ञानपुर एसबीआई और अभोली के काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की शाखाओं में लोग पैसे निकालने के लिए पहुंचे। अभोली क्षेत्र के एक उपभोक्ता ने कहा कि पैसे की जरूरत के लिए मिस्ड कॉल देने के लिए जो नंबर जारी किया गया है, उस पर कई बार फोन करने के बाद भी रिसीव नहीं हुआ। इसलिए पैसे लेने के लिए विवश होकर बैंक आना पड़ा। डीघ क्षेत्र के सूफीनगर में 11 बजे के आसपास सोशल डिस्टेंसिंग का मखौल उड़ाते हुए कई युवक नाले के गंदे पानी में मछलियां पकड़ते दिखे। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग के मानक का मजाक उड़ता दिखा, मगर पुलिस-प्रशासन बेपरवाह रहा। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। सभी को समुचित ढंग से इसका पालन कराना है। जहां खामी पाई जाएगी, कार्रवाई होगी।