पहाड़ी ब्लाक के दूबेपुर बसारी दो साल से ठप पानी की टंकी।-संवाद।
शासन-प्रशासन की ओर से जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाने का दावा किया जाता है लेकिन हकीकत यह है कि जिले क चार ब्लॉकों के 150 गांवों में नल से जल नहीं टपक रहा है। कहीं वर्षों से मोटर जला है तो कहीं पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। सिटी, पहाड़ी, छानबे, हलिया, कोन व जमालपुर क्षेत्र में करीब डेढ़ लाख की आबादी पीने के पानी के लिए परेशान है।
जल जीवन मिशन के तहत जिले में 1953 करोड़ रुपये से वर्ष 2020-21 में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन नेटवर्क का निर्माण शुरू कराया गया था। जिले में 274 ओवरहेड टैंक बनाए गए। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अधिकांश ओवर हेड टैंक से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है।
हलिया क्षेत्र के सिकटा गांव में पानी की टंकी में लीकेज के कारण बस्तियों में जलापूर्ति बाधित है। कोरावल क्षेत्र के खुशियां, पटपरा, मतवार, सगरा और बेलाही समेत कई गांवों में नलों से पानी नहीं आ रहा। चेतगंज बाजार, महंगीपुर, अनुरुधपुर पूरब पट्टी और पश्चिम पट्टी में नल है लेकिन जल नहीं है। चेतगंज बाजार में सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन भी उखड़ गई। ग्रामीण बबलू कनौजिया, जवाहर गुप्ता, श्यामधर यादव और बिहारी यादव ने बताया कि पानी के अभाव में हैंडपंप का गंदा पानी पीना पड़ रहा है। अहरौरा, के भगौतीदेई नहर से घाटी तक पाइपलाइन का विस्तार नहीं हो सका है। सरसवावर निवासी संतोष चौबे ने बताया कि एक वर्ष पहले पाइपलाइन बिछी, लेकिन आज तक पानी नहीं आया और स्टैंड पोस्ट भी नहीं लगाया गया। अमृत त्रिपाठी ने बताया कि भगौतीदेई नहर पर भी पाइपलाइन नहीं पहुंची है। सीखड़, क्षेत्र के सोनवर्षा, प्रेमापुर, खैरा, पचराव, सीखड़, मगरहा, बगहा, धनैता, पाहो, फुलहा, लरछुट और खानपुर समेत कई गांवों में पाइपलाइन बिछने और कनेक्शन होने के बावजूद नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इससे योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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केस-1
बघेड़ाखुर्द में चार साल से मोटर खराब
फोटो- 1
जिगना। छानबे क्षेत्र के बघेड़ाखुर्द में मोटर जलने से चार साल से ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति नहीं हो रहा है। 10 हजार की आबादी पानी के लिए तरस रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चार साल पहले बोरिंग कराई गई। दोबारा बोरिंग सफल हुई तो मोटर जल गई। चार साल बीत गए आजतक मोटर नहीं बदला गया। इसी तरह 2000 आबादी वाला तिलईमौआर में नल की टोंटी लगे के तीन साल बीत गए। आज तक पानी नहींं पहुंचा। प्रशासक बांके बिहारी मिश्र ने कहा शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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केस-2
दो वर्षों से सूखी पानी की टंकी
फोटो- 2, 3
संवाद न्यूज एजेंसी
पड़री, पहाड़ी ब्लाॅक के दुबेपुर बसारी में दो साल से पानी की टंकी सूखी पड़ी है। तकनीकि खराबी के चलते इसका संचालन न होने से छह हजार की आबादी पानी के लिए भटक रही है। अशोक कुमार तिवारी, कृषिकांत दुबे सभाजीत सिंह इस संबंध में जल निगम से लेकर जिलाधिकारी तक गुहार लगाई सुनवाई नहीं हो रही है। यही हाल भोजपुरी पहाड़ी में बनी पानी टंकी की है। गांव में टंकी तो बनाई गई लेकिन लगभग डेढ़ वर्ष से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। हिनौती पथरहां की पानी की टंकी से लगभग दो वर्ष से सप्लाई बंद है। जबकि टोंगा ,मोहनपुर,सरैंया कमरघटा , देवाही, पड़री आदि एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में आधा अधूरा पानी की सप्लाई हो पा रही है।
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केस- 3
पाइप लाइन क्षतिग्रस्त, 3000 की आबादी पानी के लिए परेशान
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सिटी ब्लाॅक क्षेत्र में रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग चौड़ीकरण के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से एक सप्ताह से पानी की टंकी से जलापूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी सप्लाई ठप होने से मुस्लिम बस्ती के अलावा प्रजापति बस्ती, गुप्ता बस्ती, बिंद बस्ती में पीने के पानी के लिए लोग इधर उधर हैंडपंपों की तरफ भटक रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नया नहीं किसी भी स्थान पर पाइप क्षतिग्रस्त होने पर पूरे गांव का पानी बाधित हो जाता है। सिनोद कुमार प्रजापति, होरी साव गुप्ता, सुशील कुमार आदि ने जल निगम का इस तरफ ध्यान आकर्षित कराया है।
इनसेट
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जल जीवन मिशन की योजना जमीन पर नहीं उतरी है। अधिकांश स्थानों पर तकनीकि खराबी के चलते ओवर हेड टैंक से पानी की आपूर्ति बाधित है। समय रहते इस पर ध्यान देनी चाहिए।
-कमलाशंकर एडवोकेट।
गांव में बीते एक सप्ताह से पानी की आपूर्ति बंद है। हैंडपंप से भी गंदा आ रहा है। है। लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
-कैशरी, खजुरी।
पानी की आपूर्ति ठप होने से अपना तो काम किसी तरह से चला लिया जा रहा है लेकिन मवेशियों के चारा पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। जल्द से जल्द पानी की आपूर्ति शुरू किया जाना चाहिए।
-गीता देवी, खजुरी।
शिकायत के बावजूद जल निगम के साथ कार्यदायी संस्थाओं की उदासीनता ग्रामीणों की समस्या का कारण बन रही है। शिकायत प्राप्त होने के तत्काल बाद जल निगम को कार्य कराना चाहिए। जिससे जनता पानी के लिए न भटके।
-डॉ. प्रवीण शर्मा।
पहाड़ी क्षेत्र में हर मौसम में पानी की समस्या रहती है। जल जीवन योजना शुुरू होने से उम्मीद जगी थी। लेकिन क्षेत्र में काफी दिनों से ठप पड़े ओवर हेड टैंक सप्लाई व्यवस्था ठप होने से परेशानी उठानी पड़ रही है।
-राजबलि यादव, पूर्व प्रधान।
दुबेपुर में दो साल से पंप खराब होने से गांव में पानी की आपूर्ति ठप है। जल निगम से लेकर आला अफसरों तक गुहार लगाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जनता की समस्या को देखते हुए पानी मोटर दुरुस्त कर पानी की आपूर्ति शुरू की जाए।
-दीपक कुमार प्रशासक दुबेपुर।
वर्जन
जल निगम की कुछ पुरानी टंकियां हैं, जिस पर काम चल रहा है। कुछ का डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा गया है। बजट उपलब्ध होने पर कार्य कराया जाएगा। कुछ स्थानों पर किसी न किसी विभाग की ओर से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है जिसकी सूची तैयार की जा रही है। जल्द ही उसे ठीक कराया जाएगा।
-विजेता, एडीएम नमामि गंगे।