जिले में अब मोती की खेती से किसानों की जिंदगी चमकेगी। 50 प्रतिशत अनुदान के साथ किसानों को नई राह मिलेगी। मोती संवर्धन योजना के तहत किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मोती की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत पहली बार इसकी शुरूआत की जा रही है। तालाबों में मोती की खेती संग किसान मछली का पालन भी कर सकेंगे। जिले में वैसे तो 1250 से अधिक सरकारी तालाब हैं। इसके अलावा लघु सिंचाई, कृषि विभाग की तरफ से खेत तालाब योजना में तालाबों की खोदाई कराई जाती है। जिसका उद्देश्य जल स्तर को सुधारना। अब जल स्तर सुधार के साथ ही किसान मत्स्य पालन कर मोती का कारोबार करेंगे।
शासन की इस पहल से जनपद में गिरता भूजल स्तर उठेगा। वहीं किसानों की फसलों की सिंचाई का भी एक अच्छा विकल्प बनेगा। किसानों को उद्यमी बनकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने मौका मिल रहा है।
साथ ही अन्य लोगों को भी कारोबार से रोजगार उपलब्ध कराएंगे। कृषि विभाग के मुताबिक किसान अपना पंजीकरण कराएंं। प्रथम आवक प्रथम पावक के सिद्धांत चयन होगा। योजना के तहत किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी। वहीं तालाब खोदाई से भूजल स्तर बढ़ेगा। साथ ही किसानों को पंप सेट दिए जाने का भी प्रावधान है।