विशेष बाल श्रमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले अनुदेशक और कर्मचारियों ने मानदेय के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे से अधिक समय तक अनशन जारी रहा।
हालांकि मौके पर पहुंचे परियोजना निदेशक के आश्वासन पर अनशन समाप्त हो गया। पीडी ने कहा कि दो दिन के अंदर उनके खाते में मानदेय पहुंच जाएगा।
तकरीबन डेढ़ साल से बंद पड़े श्रमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले अनुदेशक और कर्मचारियों का नौ महीने का मानदेय नहीं मिला है। शासन से धन आने के बाद भी जिलास्तरीय अधिकारियों की उदासीनता से मानदेय नहीं मिल रहा है।
इसको लेकर अनुदेशकों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन आदि कर विरोध जताया था, लेकिन आश्वासन देने के बाद भी उनको मानदेय नहीं मिला। कई महीने से परेशान अनुदेशकों ने सोमवार को अनशन शुरू कर विरोध जताया।
उनकी मांगो में नौ माह का मानदेय खाते में भेजने, बेरोजगार कर्मचारियों को रोजगार का प्रबंध, तीन साल के शैक्षणिक और व्यवसायिक मद का पैसा दिलाने की मांग की गई।
अनुदेशकों के अनशन की खबर मिलने के बाद परियोजना निदेशक मौके पर पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि दो दिन के अंदर सभी कर्मचारियों और अनुदेशकों के खाते में मानदेय पहुंच जाएगा। आश्वासन के बाद क्रमिक अनशन समाप्त किया गया। इस मौके पर मो. अशफाक, महेश मिश्रा, बीएलसरोज,संतोष सरोज, संजय कुमार तिवारी, दिवाकर, लालमणि शर्मा, शिव नारायण,राजेश कुमार बिंद आदि रहे।