ज्ञानपुर। जिले में अवैध ढंग से चल रहे विद्यालयों पर सख्ती के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। विभागीय अधिकारी आख्या में जिन विद्यालयों को बंद दिखा रहे है वह बेरोकटोक चल रहे हैं। तीन बार नोटिस जारी करने के बाद तीन माह पूर्व शिक्षा विभाग की ओर से तीनों पुलिस क्षेत्राधिकारियों, थानाध्यक्षों और खंड शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर अमान्य विद्यालयों को बंद कराने का निर्देश दिया गया था लेकिन आज तक स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जनपद में 1113 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों और करीब पांच सौ मान्यता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। करीब डेढ़ हजार विद्यालयों के बाद भी 296 विद्यालय अवैध ढंग से संचालित हैं। गत दो साल से शासन ने पत्र जारी कर अवैध विद्यालयों बंद करने का आदेश दिया था। मामले को संज्ञान में लेते हुए तीन माह पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों और पुलिस विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी कर ऐसे विद्यालयों को बंद कराने का निर्देश दिया था। कुछ खंड शिक्षा अधिकारियों ने इस पर अमल भी किया। करीब 10 से 15 विद्यालय बंद कराए गए लेकिन ज्यादातर स्कूल पूर्ववत चल रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों ने विभाग को जो आख्या सौंपी है उसमें विद्यालय को बंद दर्शाया गया है जबकि हकीकत में विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अवैध विद्यालय बंद कराने की आख्या भेजी है। अगर विद्यालय नहीं बंद हुए हैं तो उसे देखा जाएगा। जिन ब्लॉकों में लापरवाही बरती गई है उन से जवाब मांगा जाएगा और स्कूल को बंद कराया जाएगा।
प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भदोही