हादसे के बाद माैके पर माैजूद परिजन।
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Bhadohi News: औराई कोतवाली के माधोसिंह रेलवे स्टेशन के पूर्वी फाटक पर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। वह गांव-गांव और बाजारों में घूम कर बैग, पैंट और कोट की चेन बनाता था।
उन्नाव जिले के बिहार निवासी राधेश्याम बेड़ीया अपनी पत्नी सरस्वती और बड़े लड़के प्रेमसागर (40) के साथ पुरुषोत्तमपुर में एक किराए के मकान में रहकर गांव और बाजार में घूम कर बैग व पैंट जैकेट के चैन की रिपेयरिंग करते हैं। बुधवार को प्रेम सागर चैन खरीदने के लिए मिर्जापुर गया था।
माधोसिंह रेलवे स्टेशन के पूर्वी फाटक पर जैसे ही पहुंचा गेट बंद था। वह वाहन से उतरकर रेलवे फाटक पार कर रहा था। इस बीच प्रयागराज से वाराणसी जा रही विभूति एक्सप्रेस की चपेट में आ गया। जहां उसके चिथड़े उड़ गए।
उसी समय दूसरे ट्रैक पर सिकंदराबाद दानापुर एक्सप्रेस भी पहुंची और दोनों ट्रेनों के पास हो जाने के बाद प्रेमसागर का कटा हुआ धड़ रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा मिला। जीआरपी पुलिस ने शिनाख्त के प्रयास में जुटी थी।
इस बीच, उसके पिता राधे श्याम माधोसिंह रेलवे स्टेशन की तरफ पहुंचे। जहां भीड़ देखकर उन्हें देखा तो बेटे का धड़ देखकर बदहवास हो गए। जीआरपी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राधेश्याम बेड़िया के पास छह बच्चे हैं। मृतक प्रेमसागर की 18 साल पहले शादी भी हुई थी, लेकिन पत्नी कुछ दिनों के बाद उसे छोड़कर चली गई।