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धान खरीद: दो किलो अधिक अनाज किसानों के माथे

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ज्ञानपुर। जिले में धान खरीद गति पकड़ रही है। मगर, क्रय केंद्रों पर किसानों के सामने समस्याओं की भी कमी नहीं है। धान लेकर पहुंचने वाले किसानों से दो किलो अतिरिक्त धान नमी के नाम पर लिया जा रहा है। इसके अलावा छनाई, उतराई का खर्च 50 रुपये भी वसूला जा रहा है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने जिले के धान क्रय केंद्रों की हकीकत देखी। कई केंद्रों पर कांटे और बोरे भी नहीं हैं। अब तक 3500 एमटी धान की खरीद हो चुकी है।
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जिले में धान खरीद के लिए 41 क्रय केद्र बनाए गए हैं। 90 हजार एमटी खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। तहसीलों से सत्यापन न होने से परेशान किसानों को क्रय केंद्रो से भी राहत नहीं मिल रही है। सुरियावां संवाददाता के मुताबिक विपणन के गोदाम पर सुबह 11 बजे मतेथू गांव निवासी मनोज पांडेय और संतोष पांडेय धान क्रय करने के लिए पहुंचे। बताया कि बसवापुर में एनसीसीएल का धान क्रय केंद्र है, जो उनके घर से तीन किमी दूर है, लेकिन सफाई के नाम पर दो किलो अधिक धान लेने के साथ ही छनाई के लिए 50 रुपये लिए जा रहे हैं। इसके कारण वे सात किमी दूर सुरियावां आए हैं। नौरंगाबाद के किसान राजकुमार, हरिशंकर, रघुनाथ ने धान बेचा। फत्तूपुर के राकेश मिश्रा भी अव्यवस्था के कारण दो क्रय केंद्र छोड़कर सुरियावां आए। एसएमआई वर्मा सिंह ने बताया कि अब तक 27 किसान धान दे चुके हैं। 2500 क्विंटल खरीद हो चुकी है। औराई संवाददाता के मुताबिक दोपहर 12 बजे औराई के समधा स्थित क्रय केंद्र पर किसान धान बेचने के लिए पहुंचे, लेकिन यहां कांटा और स्टाफ की कमी समस्या बनी है। विपणन अधिकारी शिव सागर ने बताया कि यदि कांटे की व्यवस्था हो जाए तो किसानों के धान को अधिक से अधिक हर रोज क्रय कर लिया जाए। तारापुर के किसान राम शिरोमणि यादव ने कहा कि 400 क्विंटल धान देने के लिए तैयार हैं, लेकिन कांटे की कमी से 18 जनवरी का टोकन दिया गया है। अब दो माह बाद ही उनके धान की खरीद हो सकेगी। उगापुर के किसान अशोक सिंह ने कहा कि 100 क्विंटल धान बेचना है, लेकिन 17 जनवरी का टोकन दिया गया है। खेतलपुर के किसान मेघनाथ पटेल ने कहा कि घर पर धान रखने की व्यवस्था नहीं है इसलिए खेत में ही रखा हूं। क्रय केंद्र से अभी खरीद के लिए समय नहीं मिला है। राजापुर के किसान मोहन सिंह ने बताया कि धान देने के तीन दिन बाद खाते में पैसा आ गया। ऊंज संवाददाता के अनुसार, दोपहर दो बजे: जंगीगंज स्थित धान क्रय केंद्र पर किसानों की भीड़ लगी हुई थी। कुछ किसान पैसा खाते में नहीं जा पाने की शिकायत कर रहे थे। वहीं ऐसे किसान भी मिले, जिन्होंने कहा कि वे ज्यादा धान बेचना चाहते हैं, लेकिन अभी लिया नहीं जा रहा है। किसान अमित सिंह ने कहा कि हम 200 क्विंटल बेचने के लिए आए हैं, लेकिन 70 क्विंटल ही लिया गया। क्रय केंद्र के कर्मचारियों ने कहा कि जिसका ज्यादा धान है, उससे दो-तीन किस्तों में खरीद की जाएगी, नहीं तो अन्य कई किसान फंसे रहेंगे। सुरेश पाल ने कहा कि 35 क्विंटल की बजाए 30 क्विंटल लिया गया। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि छनाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल शासन से तय है। अगर कोई निजी संस्था अधिक अनाज ले रही है तो कार्रवाई की जाएगी।
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