ज्ञानपुर। जिले में धान की खरीद धीरे-धीरे अंतिम दौर में पहुंच गई है। किसानों के न आने से शासन स्तर से 32 क्रय केंद्रों पर खरीद बंद कर दी गई है। मंडी परिषद के पांच केंद्रों पर खरीद 28 फरवरी तक चलेगी। इस साल खरीद 2023 और 2024 से बेहतर हुई है। अब तक 3.50 लाख क्विंटल के सापेक्ष 2.60 लाख क्विंटल हो चुकी है, जो करीब 75 फीसदी है। रबी और खरीफ सीजन में शासन गेहूं और धान की खरीद करता है। इसके बाद किसानों को समर्थन मूल्य उनके खाते में ऑनलाइन भेजा जाता है। जिले में इस बार धान खरीद के लिए पहले 30 क्रय केंद्र बनाए गए थे। हालांकि, दिसंबर में उसे बढ़ाकर 37 कर दिया गया। एक नवंबर से शुरू हुई खरीद अब खत्म होने वाली है। जनवरी तक अधिकतर केंद्रों पर किसान पहुंचे, लेकिन पीसीएफ, सहकारी समिति और विपणन के कई केंद्रों पर किसानों के न आने से 31 क्रय केंद्र पर खरीद बंद हो गई है। गोपीगंज के मंडी समिति में विपणन के पांच केंद्रों पर 28 फरवरी तक खरीद की जाएगी। विपणन विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो तीन लाख 50 हजार क्विंटल के सापेक्ष अब तक दो लाख 60 हजार 92 क्विंटल की खरीद हो चुकी है। 7280 किसानों ने धान बेचा है।
धान खरीद का चार साल का आंकड़ा
वर्ष लक्ष्य खरीद प्रतिशत
2022 - 6.60 लाख क्विंटल 6.30 लाख क्विंटल 95
2023 - 6.60 लाख क्विंटल 3.30 लाख क्विंटल 50
2024 - 3.50 लाख क्विंटल दो लाख क्विंटल 56.80
2025 - 3.50 लाख क्विंटल 2.60 लाख क्विंटल 75
23 क्रय केंद्रों पर 17 मार्च से गेहूं की खरीद
जिले में धान खरीद धीरे-धीरे खात्मे की तरफ पहुंच गई है। 28 फरवरी तक खरीद की जाएगी। 17 मार्च से विभाग की तरफ से गेहूं की खरीद 23 केंद्रों पर की जाएगी। इसके लिए किसानों का पंजीकरण शुरू हो गया है। विपणन विभाग का मानना है कि 17 से ही क्रय केंद्र संचालित हो जाएंगे।
डीएम के मार्गदर्शन में किसानों को जागरूक किया गया। जिससे किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए पहुंचे। इससे खरीद की प्रगति बेहतर रही। लक्ष्य के सापेक्ष 75 फीसदी धान खरीदा गया।
- कुंवर वीरेंद्र मौर्य, नोडल धान खरीद।