ज्ञानपुर । धान खरीद के 72 घंटे में भुगतान का सरकार का दावा जिले में हफ्ते पखवारों से होता हुआ महीने के पार निकल गया है। जिले के क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले साढ़े तीन हजार किसानों के भुगतान के 150 करोड़ रुपये महीने भर से अधिक समय से फंसे हैं। क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे किसानों को विभाग पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) में खामी बता कर चलता कर दे रहा है। हालांकि हकीकत में मामला दूसरा बताया जा रहा है, जानकार इसकी वजह बजट की कमी बता रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश है कि किसानों से धान खरीद में देरी नहीं होनी चाहिए और उन्हें उपज के मूल्य का भुगतान 72 घंटे के अंदर कर दिया जाए। जिले के किसानों को धान बेचने में कोई दिक्कत न हो, उन्हें अपनी उपज का वाजिब दाम भी समय से मिल जाय। इसके लिए विपणन विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के 50 क्रय केंद्र खोले गए। पखवारे भर पूर्व 15 अक्टूबर से धान खरीद शुरू भी हो गई। नवंबर में खरीद सुस्त रही लेकिन दिसंबर में किसान क्रय केंद्रों पर पहुंचने लगे।
90 हजार एमटी खरीद लक्ष्य के मुकाबले 50 फीसदी से अधिक 49 हजार एमटी धान की खरीद हो गई। केंद्रों पर 9622 किसानों ने धान बेचा, जिसमें छह हजार का भुगतान भी हो गया लेकिन 3500 किसानों का भुगतान अब तक नहीं मिल सका। 24 नवंबर को धान बेचने वाले किसान एक माह बाद भी क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 3500 किसानों के करीब 150 करोड़ रुपये एजेंसियों के पास बकाया हैं। विभाग का मानना है कि पीएफएफएस में दिक्कत होने से भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऑनलाइन व्यवस्था सही होने पर पैसा किसानों के खाते में पहुंच जाएगा। सूत्रों के अनुसार बजट की कमी से किसानों का भुगतान फंसा है।
केस-1- अभोली के गड़ौरा निवासी राम उजागिर ने 23 नवंबर को 50 क्विंटल धान बेचा। सोचा था कि पैसा मिलने पर रबी की बुआई और घर के कुछ जरूरी काम हो जाएंगे, लेकिन अब तक पैसा नहीं मिला।
केस-2. सुरियावां के अर्जुनपुर निवासी जगदीश कुमार ने एक दिसंबर को सौ क्विंटल धान क्रय केंद्र पर बेचा। अभी तक इसका भुगतान नहीं हो पाया है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में सभी 50 क्रय केंद्रों पर धान खरीद हो रही है। करीब साढ़े तीन हजार किसानों का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से होना है, हालांकि तकनीकी खामी से अब तक हो नहीं सका है। जैसे ही सिस्टम सही होगा किसानों के खाते में पैसा पहुंच जाएगा।
श्याम कुमार मिश्र, जिला विपणन अधिकारी।