एनएचएआई के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण, किया प्रदर्शन
खुला नाला बना जानलेवा, संक्रामक रोग पसार रहे पांव
अमर उजाला ब्यूरो
लालानगर। गेराईं गांव के ठीक सामने हाईवे पर खुले नाले से उपजीं समस्याओं के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज लोगों ने एनएचएआई की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन कर नाले को तत्काल ढंकवाने की मांग की। कहा कि खुला नाला न सिर्फ दुर्घटनाओं को दावत दे रहा है, बल्कि इसकी वजह से संक्रामक बीमारियों के बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है।
एक वर्ष से गेराईं गांव के सामने खुला छोड़ा गया नाला जानलेवा बन कर संक्रामक रोगों को बढ़ावा दे रहा है। इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को एनएचएआई के खिलाफ सड़क पर उतर प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि शीघ्र ही नाले को पटवाया न गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगभग 70 किलोमीटर का दायरा पार करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-2 का राजातालाब-हंडिया खंड प्राधिकरण की लापरवाही और सिक्सलेन निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था की मनमानी से समस्याएं बढ़ रहीं हैं। पूर्वी छोर बाबूसराय तो पश्चिमी छोर ऊंज सीमा तक दो दर्जन प्रमुख स्थानों समेत बाजारों के पास नालों को खुला छोड़ दिया गया है। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों से राजमार्ग को जोड़ने वाले संपर्क और लिंक मार्गों से होकर आवागमन करने वालों के लिए खुले नाले बिना वजह खतरे के कारण बन जा रहे हैं। यहां तक कि सावन माह को लेकर शासन से प्रशासन स्तर तक सड़क की घेरेबंदी की गई, लेकिन समस्याएं जस की तस रहीं। खुले नामों में जमा पानी सड़ कर असहनीय दुर्गंध देकर सांस लेना दुश्वार कर दिया है। गंदगी के कारण मच्छरजनित और संक्रमित बीमारियां पांव पसार कर लोगों को अस्पताल पहुंचा दे रही हैं। बार-बार एनएचएआई को जानकारी दी गई, लेकिन न तो नाले को ढंकवाया ही जा सका और न ही गंदे पानी की निकासी कराई जा सकी। आम राहगीरों के साथ-साथ जलाभिषेक को जा रहे कांवरियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वालों में काशियाना फाउंडेशन के संस्थापक सुमित सिंह, अनूप सिंह, योगेश यादव, पवन सिंह, अतुल आदि शामिल रहे।