ज्ञानपुर। भदोही जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है। गांवों में 18 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है, जबकि बमुश्किल पांच से छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जगह-जगह जले ट्रांसफॉर्मर और जर्जर बिजली के तारों ने बिजली सप्लाई को पंगु कर दिया है। इससे गर्मी और उमस में जहां लोग बेहाल हैं, वहीं कई गांवों की बस्तियां बारिश के मौसम में घुप अंधेरे में जीने को अभिशप्त हैं।
बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भले ही खोखले आश्वासनों की नींव पर बिजली व्यवस्था के चुस्त-दुरुस्त होने का दावा करें, लेकिन बिजली आपूर्ति की जमीनी हकीकत बेहद कड़वी है। औराई और भदोही तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में हालात बेहद खराब हैं। कहीं पांच घंटे तो कहीं छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे सामान्य जीवनचर्या प्रभावित होने के साथ ही खेती-बारी के काम भी बाधित हो रहे हैं। लेकिन, कोई सुनने वाला नहीं है। इससे सैकड़ों गांवों में बिजली को लेकर हाहाकार की स्थिति है।
मोढ़ संवाददाता के मुताबिक क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में बिजली की समस्या काफी दिनों से चली आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कुल मिला कर सात से आठ घंटे की भी आपूर्ति नहीं हो रही है। कुछ स्थानों पर एल्यूमिनियम के तार के स्थान पर लोहे के तार खींचे गए हैं। इसके कारण भी लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, बिजली आपूर्ति का कोई समय निर्धारित नहीं है। कब आती है और कब चली जाती है, इसका भी समय निर्धारित नहीं है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कई बार उच्चाधिकारियों से की, परंतु इस समस्या का समाधान नहीं किया गया। क्षेत्र के जगदीशपुर, कोकलमऊ, बसपरा, चकगोसाई, बरमोहनी, रामयनपुर, चौरापुर बैदान, हरजूपुर, कंसापुर, करयिांव, बसवरिया, तुलसीपुर, कीर्तिपुर, डूहिया, लालीपुर, लालापुर, कस्तूरीपुर, चकचंदा सहित लगभग दो दर्जन गांवों में विद्युत व्यवस्था लड़खड़ा गई है। इससे धान की रोपाई समय पर नहीं हो पा रही है। क्षेत्र के फूलचंद तिवारी, नेम चंद्र तिवारी, रमेश चंद्र तिवारी, शिवलाल सरोज, कृष्णमुरारी प्रजापति, शिवपूजन उपाध्याय, रतन कुमार उपाध्याय आदि ने क्षेत्र में बिजली दुरुस्त कराने की मांग की।
औराई क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में ट्रांसफॉर्मर की गड़बड़ी के कारण बिजली आपूर्ति बेपटरी है। कहीं पांच घंटे तो कहीं छह घंटे बिजली मिल रही है। इससे ग्रामीणों में रोष है। यही हाल गोपीगंज, जंगीगंज, चौरी, डीघ आदि क्षेत्रों के गांवों का भी है। इससे जिले की एक बड़ी आबादी बिजली संकट के दौर से गुजर रही है। दूसरी ओर विभाग का कहना यह है कि वह मैन पावर की