छात्र कलाकारों ने प्राकृतिक सौंदर्य का रंगों और ब्रसों के माध्यम से सजीव चित्रण करके मंत्रमुग्ध कर दिया। रंगों में जलरंगों का प्रयोग करके तकनीकी दृष्टि से प्रभावशाली पेंटिग्स जमकर सराही गई।
संचार क्रांति के समय में भागमभाग जीवन शैली ने लोगों को मोबाइल, ई-मेल और व्हाटस-अप के नजदीक कर दिया है। ऐसे में कलाकारों ने भावना, संभावना, संवदेना को रंगो और रेखाओं के जरिए बोध कराया, जो कि मशीनों से इतना संभव नहीं है। विभागाध्यक्ष डॉ. रोशन प्रसाद के निर्देशन में आयोजित प्रतियोगिता के निर्णायक डॉ. सीके चौरसिया, डॉ. रवीेंद्र कुमार रहे। स्नातक स्तर प्रतियोगिता में रश्मि प्रथम, पूजा मौर्य द्वितीय, अजय तृतीय व विष्णु,, रीनू सांत्वना रही। पीजी स्तर पर प्रभाकर मौर्य प्रथम, संतोष द्वितीय, अशरफ अली तृतीय व अनामिका, बृजेश, सिंधू सांत्वना विजेता रहे।