लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान हो गया है। अब लर्निंग लाइसेंस के लिए एआरटीओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। नई व्यवस्था के तहत घर बैठे ऑनलाइन आवेदन और टेस्ट देकर लाइसेंस का प्रिंट भी ले सकते हैं। नई व्यवस्था जिले में आठ जनवरी से प्रभावी हो गई है। हालांकि स्थायी लाइसेंस के लिए अभी पुरानी ही व्यवस्था है। इसके लिए एआरटीओ कार्यालय जाना और बायोमेट्रिक करना होगा।
परिवहन विभाग की नई व्यवस्था के तहत ड्राइविंग लाइसेंस को आधार नंबर से जोड़ दिया गया है। लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आधार नंबर दर्ज करना पड़ता है। आधार प्रमाणीकरण के बाद आवेदक का नाम, पता सहित अन्य विवरण फार्म पर स्वत: अंकित हो जाता है। केवल इतना ध्यान देना पड़ता है कि आवेदन करने में वही मोबाइल नंबर डाला जाए जो आधार कार्ड में दर्ज है। इससे ऑनलाइन टेस्ट से पहले आवेदन फार्म में दर्ज मोबाइल नंबर पर ओटीपी जाती है। ओटीपी डालने पर आधार पर अंकित फोटो से अभ्यर्थी का सत्यापन होगा और परिवहन विभाग की ओर से ऑनलाइन टेस्ट मिल जाती है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि ऑनलाइन टेस्ट देते समय सारथी पोर्टल पर आवेदनकर्ता का चेहरा प्रमाणीकरण होगा। इसके लिए तीन अवसर मिलेंगे। इसमें चेहरे का मिलान न होने पर आवेदक को नई फोटो अपलोड करने का विकल्प दिया गया है। टेस्ट के दौरान अभ्यर्थी के पास कोई अन्य व्यक्ति नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया ऑनलाइन टेस्ट के बाद आवेदन पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर लिंक भेजी जाएगी। इससे अभ्यर्थी घर बैठे लाइसेंस प्रिंट कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए 15 सवाल पूछे जाएंगे। नौ सवालों का सही उत्तर देने पर पास हो जाएंगे। इससे धन और समय की बचत होगी। उन्होंने बताया कि आठ जनवरी से जिले में नई व्यवस्था लागू हो गई है। अब तक पांच अभ्यर्थियों ने लर्निंग लाइसेंस बनवाया है।