वेबसाइट, छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी बनाने में कॉलेजों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। सरकार की 100 दिन की कार्ययोजना में शामिल होने के बाद भी कुछ कॉलेज इसके प्रति उदासीन बने हुए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेकर डीआईओएस ने 68 कॉलेजों को नोटिस भेजा है। स्पष्टीकरण मांगते हुए 10 जून तक अपलोड नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
डीआईओएस के अनुसार यूपी बोर्ड की ओर से कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की ई-मेल आईडी उपलब्ध कराने व कॉलेज की वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया गया है। जिले के 183 राजकीय, वित्तपोषित और वित्तविहीन विद्यालयों में से 68 ने वेबसाइट और ईमेल आईडी नहीं बनवाई है। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक की तरफ से सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश भी जारी किया गया है, इसके बावजूद कुछ कॉलेज प्रबंधन इसके प्रति गंभीर नहीं हुए। न तो छात्र-छात्राओं की ई-मेल आईडी बनाई गई है और न ही स्कूल की वेबसाइट बनाई गई है। लिहाजा, जिला विद्यालय निरीक्षक ने सख्ती करते हुए लापरवाह 68 कालेजों को नोटिस जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि 10 जून तक सभी विद्यालयों की वेबसाइट और विद्यर्थियों की ई-मेल आईडी बन जानी चाहिए। यदि इसके बाद किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो संबंधित विद्यालय की मान्यता निरस्त करने की संस्तुति कर दी जाएगी। वित्तपोषित और राजकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोका जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक एनएल गुप्ता ने बताया कि 68 कॉलेजों ने अभी तक कोई कार्य पूर्ण नहीं किया है। जिसके कारण उनको नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि 10 जून तक जरूरी व्यवस्था नहीं करने पर मान्यता प्रत्याहरण और वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।