पानी के अभाव में सूखा गड़ौरा माइनर।
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ज्ञानपुर। जिले में नहरों का जाल फैला है, लेकिन रबी और खरीफ सीजन में किसान विभागीय कार्यप्रणाली के आगे बेहाल हो रहे हैं। बारिश न होने से सूख रही धान की फसल के लिए पानी की जरूरत है, लेकिन मुख्य रजवाहा से लेकर माइनर तक सूख गए हैं। इससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जून-जुलाई में मानसून की मेहरबानी से किसानों ने करीब 40 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई की है। सितंबर में बारिश न होने से धान की रोपी गई फसल सूखने लगी है, लेकिन अब तक नहरों में पानी नहीं आ सका है। खाद और बिजली कटौती से परेशान किसानों को नहरों से भी राहत नहीं मिल रही है। इससे वह धान की सिंचाई को लेकर चिंतित हो गए हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में 10 हजार हेक्टेयर रकबे की सिंचाई नहरों पर निर्भर है। ऐसे में नहर में पानी न आने से किसान परेशान हो गए हैं। ज्ञानपुर मुख्य रजवाहा, भदोही रजवाहा संग अन्य माइनर भी सूख गए हैं।
दुर्गागंज संवाददाता के अनुसार, अभोली ब्लॉक के गड़ौरा रजवाहा में पानी न आने से किसानों में नाराजगी है। आरोप है कि धान के फसल को अब पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन नहर विभाग अनजान बना है। खरीफ ही नहीं रबी सीजन में भी नहरों का संचालन ठीक ढंग से न होने से फसल की सिंचाई प्रभावित होती है। किसान धर्मराज सिंह, रमेश सिंह, कमला शंकर गौड़, लोलारख गौड़, रमेश सिंह, राकेश पांडेय, सुरेश सिंह, जीत शुक्ला, हौसिला सिंह ने विभागीय अधिकारियों से अविलंब पानी छोड़ने की मांग की। चेतावनी दी कि अविलंब पानी न छोड़ा गया तो किसान प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। अवर अभियंता मुख्य नहर मिथुन सोनकर ने कहा कि छह पंप चलाकर नहरों में पानी भेजा जा रहा है। कुछ रजवाहों में सफाई के अभाव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अभी कहीं से शिकायत नहीं आई है, हालांकि दिखवाकर पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।