लालानगर। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी रूट पर फेरा लगा रहीं ट्रेनों पर त्योहारी सीजन में पैर रखने तक की जगह नहीं है। तीन जोड़ी पैसेंजर ट्रेनें और एक दर्जन से अधिक एक्सप्रेसों में दीपावली की पूर्व संध्या पर यात्रियों को गतंव्य तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। अंतिम छोर पर लगने वाली गार्ड बोगियां भी यात्रियों से फुल होकर चली।
बताते हैं कि पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से रूट पर दीपावली और छठ स्पेशल के साथ-साथ सप्ताह में विशेष ट्रेन की सुविधा दी गई है। बावजूद इसके रूटीन पर चल रहीं मंडुआडीह वाया इलाहाबाद सिटी पैसेंजर, इलाहाबाद सिटी वाया मऊ जंक्शन डीएमयू, पटना-सिकंदराबाद एक्सप्रेस, पवन एक्सप्रेस, मडुआडीह-नईदिल्ली सुपरफास्ट, गोरखपुर वाया कानपुर चौरीचौरा एक्सप्रेस, मडुआडीह वाया जबलपुर, साप्ताहिक रांची-कुर्ला एक्सप्रेस, पटना-अहमदाबाद एक्सप्रेस, मडुआडीह-पुणे एक्सप्रेस, रामेश्वरम एक्सप्रेस, एर्नाकुलम एक्सप्रेस अप-डाउन ट्रेनें यात्रियों से ओवरलोड होकर चलती रही। खास बात यह कि ज्ञानपुर रोड, जंगीगंज, अहिमनपुर, कटका आदि छोटे-बड़े स्टेशनों से वाराणसी, प्रयागराज, बलिया, गाजीपुर आदि क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को जगह के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ता रहा।
ओवरलोड से सरकारी और निजी बसों ने नहीं लिया स्टाप
ज्ञानपुर। वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज में ट्रेनों से चढ़ने और उतरने के बाद सरकारी एवं निजी बसों में भी यात्रियों को जगह न मिलने से जलालत झेलनी पड़ी। वहीं बीच-बीच में फेयर स्टापेज होने के बाद भी बसों ने स्टाप लेना मुनासिब नहीं समझा। फर्राटा भरते एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने के लिए होड़ सी लगी रही। बस स्टैंड गोपीगंज, जंगीगंज, औराई, बाबूसराय, महाराजगंज, लालानगर, वहिदानगर, कलिंजरा मोड़, गोधना मोड़-सूफीनगर, ऊंज सीमा आदि पर मयपरिवार घरों को पहुंचने वालों को देर शाम तक खड़ा रहना विवशता बनी रही।