बकौल पुलिस नौशाद भदोही से भागने की फिराक में इंदिरा मिल चौराहे पर पहुंचा था जिसकी मुखबिर से सूचना मिलने पर उसे धर दबोचा गया। साथ ही अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आला कत्ल भी बरामद हो गया।
एसपी ने गिरफ्तार करने वाली टीम विनोद दूबे स्वॉट प्रभारी, कोतवाल विजय प्रताप सिंह, कोतवाली निरीक्षक सीके पूरी, उपनिरीक्षक प्रवीण ओझा, सर्वेश राय, तुफैल अहमद, नरेंद्र सिंह, नागेंद्र यादव, दीपक, सुनील कनौजिया व लक सुभाष सिंह के कार्य से प्रसन्न होकर नगद पुरस्कार की घोषणा की।
मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद अब यह साफ हो गया है कि हत्या के पीछे की वजह पारिवारिक कलह थी। बकौल पुलिस अधीक्षक अभियुक्त नौशाद ने कुबूल किया कि विगत दो वर्षों से उसका और उसके भाई जमील से आए दिन किसी न किसी बात को लेकर विवाद होता रहता था।
घटना वाले दिन भी विवाद हुआ और जब कहासुनी और विवाद काफी बढ़ गया तो उसने अपना आपा खो बैठा और घर में ही रखे चाकू से अपने भाई पर एक के बाद कई वार किए। अभी वह भाई पर हमला कर ही रहा था तो भाभी के बीच में आने पर उसने गुस्से में भाभी और उनकी गोद में 9 वर्ष के मो.अली पर भी चाकू से हमला कर दिया। कहा जा रहा है कि घर में मांस की दुकान होना तथा विवाद होते ही नौशाद के सर पर खून सवार होना ही हत्या का मुख्य कारण बन गया।