फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौनी अमावस्या: श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

विज्ञापन
मौनी अमावस्या पर सेमराध में स्नान करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : BHADOHI
विज्ञापन
ज्ञानपुर। पितरों को नमन करने के विशेष पर्व मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को जिले के गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सीतामढ़ी से लेकर भोगांव तक दर्जनों गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने मौन रखकर डुबकी लगाई। इस दौरान पितरों का स्मरण कर उनके नाम पर जरूरतमंदों को दान किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और पूजन-अर्चन से गंगा घाटों का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
विज्ञापन

माघ मास की शुक्ल पक्ष की अमावस्या को मौनी अमावस्या मनाई जाती है। इसे माघी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन स्नान-दान का खास महत्व होता है। आचार्य पं. शरद पांडेय के मुताबिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर मौन रखकर गंगा या अन्य किसी पवित्र नदी में स्नान करने का श्रेयस्कर रहता है। साथ ही पितरों के नाम पर दान करना चाहिए। इससे पुण्य मिलता है। बृहस्पतिवार को भोर में चार बजे से ही जिले के गंगा घाटों पर आस्थावानों का आगमन शुरू हो गया। लोगों ने मोक्षदायिनी गंगा में डुबकी लगाकर पूर्वजों का स्मरण किया। इसके बाद घाटों पर स्थित मंदिरों में दर्शन-पूजन का सिलसिला चला। सीतामढ़ी, सेमराधनाथ और रामपुर गंगा घाटों के अलावा बेरासपुर, बिहरोजपुर, इब्राहिमपुर, डेरवां, भवानीपुर समेत तमाम प्रमुख गंगा घाटों पर सुबह से लेकर दोपहर तक स्नान करने वालों का मजमा लगा रहा। स्नान के निमित्त सड़कों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। गोपीगंज-रामपुर घाट रोड पर पूरे दिन मेले जैसा नजारा रहा। इसी तरह भोगांव घाट जाकर स्नान करने वालों के कारण औराई में भी श्रद्धालुओं के आगमन से सड़कों पर भीड़भाड़ की स्थिति रही। मान्यता है कि इस दिन मौन व्रत रखने से खास लाभ मिलता है।
मौनी अमावस्या के निमित्त सड़कों पर बढ़ी तीर्थयात्रियों की भीड़ का असर जिले के यातायात पर भी पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बस, ऑटो और अन्य रिजर्व वाहनों से मौनी अमावस्या का स्नान करने के लिए निकले। प्रयागराज में संगम पर डुबकी लगाने के लिए हजारों श्रद्धालुओं ने यात्रा की। इससे वाराणसी-प्रयागराज राजमार्ग और अन्य मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें