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जिले के नौ थानों में 15 हजार से अधिक लोग हो चुके हैं पाबंद

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सर! हम ढाई महीने तक किसी चुनाव व संदिग्ध गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। चुनाव से हमारा कोई लेनादेना नहीं है। अगर कहीं मेरा नाम आए तो मेरी पाबंदी बढ़ाई जा सकती है। जिले के नौ थानों में 15 हजार से अधिक लोगों को पुलिस पाबंद कर चुकी है। जमानतदारों से भी पुलिस संपर्क करके यह शपथ पत्र ले रही है कि जिसकी जमानत उन्होंने ली है, वह अपराध नहीं करेगा।
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विधानसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन खलल पड़ने की आशंका से बड़ी तेजी से कार्रवाई कर रही है। मात्र डेढ़ महीने में 15 हजार से अधिक लोगों को पाबंद किया जा चुका है। इस दौरान पाबंद होने वाले लोग पुलिस को शपथ पत्र देकर अपराध न करने की शपथ ले रहे हैं। जिससे भी चुनाव में खलल पड़ने की आशंका है, पुलिस उसे 107/116 में पाबंद कर रही है। इसके पीछे पुलिस का मकसद है कि किसी भी सूरत में अपराध न होने पाए और अगर इसके बाद भी कोई अपराध करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। पुलिस इन लोगों से शपथ पत्र लेने के साथ ही इनकी निगरानी भी कर रही है। बीट पुलिस अधिकारी को ये जिम्मेदारी दी गई है कि वह नियमित रूप से अपने क्षेत्र में गश्त के दौरान इनके क्रियाकलापों पर नजर रखें और गतिविधि संदिग्ध मिलते ही थानेदार को इसकी सूचना दें। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती ने बताया कि ढाई महीने के लिए पाबंद किया जाता है। अगर गतिविधि ठीक रही तो पाबंदी हट जाएगी, लेकिन थानेेदार अगर रिपोर्टिंग करेगा तो ढाई माह का फिर बढ़ जाएगा। इस तरह ढाई साल तक उसकी पाबंदी बढ़ाई जा सकती है। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश भारती का कहना है कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगातार लोग पाबंद किए जा रहे हैं। इस बात की निगरानी भी की जा रही है कि कहीं कोई गलती पुलिस न करे। बदमाश, जमानतदार और कहीं पर भी जिससे अशांति का खतरा है, उसे पाबंद किया जा रहा है।
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