ज्ञानपुर। सावन मास के लिए सीएमओ डॉ. एसके चक ने रविवार को सीएमएस डॉ. अजय तिवारी के साथ जिला अस्पताल में मॉकड्रिल किया। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक का निरीक्षण किया। इस दौरान 13 डॉक्टर सीएमएस को बिना सूचना दिए ही जनपद से बाहर रहे। सीएमओ ने एक-एक डॉक्टर को फोन करवाया और आंधे घंटे में अस्पताल पहुंचने के लिए निर्देशित किया, लेकिन सारे लोग जिले से बाहर थे, तो पहुंचने का कोई सवाल ही नहीं था। सीएमओ ने नाराजगी जाहिर की और सभी का सात दिन वेतन रोक दिया।
सीएमओ दोपहर 2:14 बजे रविवार को जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सीएमएस से कहा कि सभी डॉक्टरों को फोन किया जाए, उन्हें आंधे घंटे के अंदर अस्पताल बुलाया जाए। डॉक्टरों को फोन किया गया, सात डॉक्टरों से बात हुई, जबकि छह पांच डॉक्टर ने फोन नहीं उठाया। वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, जौनपुर रहे। सीएमओ ने कहा बिना सीएमएस को सूचना दिए जनपद के बाहर जाना गलत है। इस तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं है। जुलाई माह का सात दिन का वेतन रोका गया है। कार्य प्रणाली में सुधार होने के बाद ही वेतन की बहाली की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल और भदोही एमबीएस के डॉक्टर भी मुख्यालय पर निवास नहीं करते हैं। बिना सूचना दिए गायब रहनने वालों में डॉ. अरविंद प्रताप, डॉ. सुरेंद्र कुमार बिंद, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. लक्ष्मी देवी, डॉ. नीलमा धवन, डॉ. हरिओम, डॉ. वर्तिका अग्रवाल, डॉ. अनुपम अग्रवाल, डॉ. आशुतोष कुमार सिंह, डॉ. अभिनव पांडेय, डॉ. विवेक सिंह, डाॅ. पीके सिंह रहे। ये सभी के सभी जिले के बाहर रहे। इनका सात दिन का वेतन रोक दिया गया है।