लालानगर। पूर्वोत्तर रेलवे के ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर मंगलवार को मुंबई से लौटी डाउन जनसाधारण एक्सप्रेस से काफी संख्या में प्रवासी उतरे। जांच के भय से वह मुख्य गेट से न आकर साइड में खड़ी रिजर्व बसों पर सवार होकर सीधे अपने घरों को पहुंच गए। प्रवासियों की जांच कराने के लिए न तो स्वास्थ्य विभाग कोई कदम उठा सका और रेलवे प्रशासन।
डाउन जनसाधारण एक्सप्रेस से उतरे प्रवासियों की ज्यादा संख्या को देखकर लोगों को संक्रमण का खतरा बढ़ने की चिंता सताने लगी है। ज्ञात हो, 15 अप्रैल को प्रधान, जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव के लिए जिले में मतदान होना है। मतदान करने के लिए काफी रोजगार के सिलसिले में अन्य जिलों व प्रांतों में गए लोग जिले में आ रहे हैं। बहुत से दावेदारों ने पहले से ही दूसरे जगहों पर कमाने गए लोगों का मतदान के लिए रिजर्वेशन करा रखा है। इसकी जानकारी के बावजूद प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा की ओर से स्टेशन पर प्रवासियों की कोरोना जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। यह स्थिति तब है जबकि संक्रमण पर नियंत्रण के लिए गाइड लाइन का कड़ाई से पालन कराने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दिन के समय स्टेशन पर कुछ समय के लिए दिखाई देते हैं लेकिन रेल प्रशासन का कोई स्टाफ बहुत कम दिखते हैं। जबकि दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, सिकंदराबाद, पटना, बिहार, सूरत, कोल्हापुर जैसे महानगरों से आने वालों की जांच तक नहीं की जा रही है। जबकि बाहर से आने वालों की जांच के निर्देश पहले ही दिए गए हैं। दो दिन पूर्व वाराणसी रेल मंडल कार्यालय में प्रवासियों की जांच को लेकर हुई बैठक में अधिकारियों ने पूरी निगरानी का आश्वासन दिया था। पीआरओ वाराणसी अशोक कुमार ने बताया कि यात्रा के शुभारंभ वाले स्टेशन पर सभी प्रवासियों की जांच कराकर ट्रेन में बैठाया जाता है। संबंधित जिलों के स्टेशनों पर ठहराव लेकर आगे बढ़ने वाली ट्रेनों से उतरने वालों की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर की होती है।