पहाड़ों पर बर्फबारी और पछुआ हवाओं ने ठंड बढ़ा दी है। पारा तीन से चार डिग्री तक लुढ़क गया है। शाम ढलते ही हल्की धूंध और गलन से लोग घरों में दुबक जा रहे हैं। इसके चलते शाम सात बजते-बजते बाजारों में सन्नाटा पसर जा रहा है। ठंड में अलाव न जलने से लोगों में नाराजगी है।
पर्वतीय इलाकों में हुई बर्फबारी के चलते सामान्य हो रहे मौसम ने एक बार फिर करवट ले लिया है। करीब एक सप्ताह तक सामान्य मौसम रहने के बाद दो दिनों से तापमान तेजी से कम हो रहा है। शनिवार तक न्यूनतम तापमान जहां 11.5 डिग्री रहा, वहीं सोमवार को आठ डिग्री तक पहुंच गया। उसके साथ सात किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द पछुआ हवा के झोके भी गलन बढ़ा रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में सुबह बिस्तर से निकले लोग राहत पाने के लिए अलाव के आसपास पहुंचने लगते हैं। तेजी से बढ़ रही ठंड के बाद भी अलाव की कहीं भी व्यवस्था नहीं हो सकी है। इससे रोडवेज, प्रमुख चौराहों पर दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि पछुआ हवाओं से गलन बढ़ी रहेगी। अभी कोहरा नहीं पड़ रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में घना कोहरा देखने को मिलेगा। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने मौसम को फसल के लिए लाभकारी बताया। कहा कि ठंड और गलन गेहूं के लिए फायदेमंद है। इससे फसलों का विकास तेजी से होगा।